क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : कांके रोड में चांदनी चौक पर बीच सड़क में बस स्टैंड चल रहा है. पॉश इलाके में स्थित इस स्टैंड से हर दिन खुलने वाली दर्जनों बस से हजारों यात्री सफर कर रहे हैं. लेकिन, यहां स्टैंड के लिए जो न्यूनतम जरूरतें होनी चाहिए, वहीं कहीं नजर नहीं आती है. सिर्फ रेवेन्यू बढ़ाने के मकसद से ही नगर निगम ने इस बस स्टैंड की बंदोबस्ती कर दी. इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना हो रहा है. यहां सिक्योरिटी की प्रॉपर अरेंजमेंट नहीं होने से एक्सीडेंट्स की भी हमेशा आशंका बनी रहती है.

खुलती हैं दर्जनों बसें

कांके रोड जैसे पॉश कॉलोनी के बीचों बीच स्थित इस बस स्टैंड से हर दिन तकरीबन 40 से 50 बसें खुलती हैं. यहां से ज्यादातर बसें पतरातू, भुरकुंडा, रामगढ़ के अलावा हजारीबाग के लिए चलती हैं. इस बस स्टैंड की नगर निगम ने बंदोबस्ती तो कर दी है लेकिन सुविधाएं उपलब्ध कराने के नाम पर मुंह फेर ली है. यहां न तो बस लगाने के लिए कोई व्यवस्था है और न ही यात्री शेड और टॉयलेट. रोड पर ही बसें खड़ी रहती हैं और यात्री भी ऐसे ही हालात में सफर करने को मजबूर हो रहे हैं. इस बस स्टैंड के हालात का जायजा लेने के लिए नगर निगम के अधिकारी आना तक मुनासिब नहीं समझ रहे हैं.

सिक्योरिटी का अरेंजमेंट नहीं

चांदनी चौक बस स्टैंड से खुलने वाली कमोबेश सभी बसों में कैपासिटी से काफी ज्यादा यात्री जान हथेली पर रखकर सफर करते हैं. ये बसें रोड पर से ही खुलती हैं और यात्री भी ऐसे ही हालात में बस में बैठने को जाते हैं. इसके पीछे से भी कई गाडि़यां और ऑटो आती जाती रहती है. कभी भी कोई दुर्घटना हो सकती है, लेकिन सिक्योरिटी के लिए कोई व्यवस्था नहीं है. इस बाबत नगर निगम द्वारा कोई भी प्लान नहीं बनाया गया है.

हादसे को आमंत्रण दे रहा स्टैंड

चांदनी चौक बस स्टैंड भगवान भरोसे चल रहा है. गनीमत है कि यहां कोई बड़ी दुर्घटना नहीं हुई है. यहां आड़े-तिरछे रोड पर ही बसें लगी रहती हैं. पैसेंजर्स भी रोड क्रासकर ही बस पर उतरने-बैठने के लिए आते-जाते हैं. ऐसे में हमेशा हादसे की आशंका बनी रहती है.

बिना फैसिलिटी के बना दिया बस स्टैंड

सामान्य तौर पर बस स्टैंड को पहले डेवलप किया जाता है. यहां बसों व यात्रियों के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती है. इसके बाद ही यहां से बसों को संचालन करने की अनुमति दी जाती है. लेकिन, चांदनी चौक बस स्टैंड इससे अछूता है. नगर निगम ने बिना सुविधाएं बहाल किए हड़बड़ी में इस बस स्टैंड को बंदोबस्त कर डाला, ताकि रेवेन्यू जेनरेट हो सके.