क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : 41 दिनों से जिंदगी व मौत के बीच लड़ रहे जंग को स्क्रैप कारोबारी सुरेंद्र कुमार जायसवाल हार गए. सोमवार को रिम्स में इलाज के दौैरान उनकी मौत हो गई. 18 अप्रैल को अपराधियों द्वारा गोली मारे जाने के बाद उन्हें गंभीर हालत में हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था. वे सदर थाना एरिया के ढेलाटोली के रहने वाले थे. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद उनके परिजनों के हवाले कर दिया है.

18 अप्रैल को हुआ था हमला

18 अप्रैल को रात 8.30 बजे के करीब खेलगांव ओपी एरिया के लालगंज के मुरली पुल के समीप सुरेंद्र को दो शूटर्स ने उस वक्त गोली मार दी थी, जब वे अपनी स्कूटी से घर लौट रहे थे, गोली उनकी पीठ में लगी थी. फायरिंग करने के बाद शूटर्स बाइक से फरार हो गए थे. फायरिंग की सूचना मिलने के बाद पीसीआर टीम मौके पर पहुंची थी और घायल कारोबारी को रिम्स में एडमिट करा दिया था. इलाज कर रहे डॉक्टर्स के मुताबिक, उनके स्पाइनल कोड में गोली लगी थी, जिस कारण उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था.

दुकान उठा लेने की मिली थी धमकी

व्यवसायी सुरेंद्र जायसवाल को कबाड़ी दुकान बंद कर देने की धमकी दी जा रही थी. इसी साल होली के दौैरान भी उनपर गोलियां दागी गई थी, लेकिन वे बाल-बाल बच गए थे. इस बाबत उन्होंने पुलिस को पूरे मामले से अवगत करा दिया था, फिर भी उनकी सुरक्षा को लेकर किसी तरह की पहल रांची पुलिस ने नहीं की थी.

नहीं पकड़ा जा सका है मुख्य आरोपी

गोली लगने के बाद घायल हालत में सुरेंद्र जायसवाल ने खेलगांव ओपी इंचार्ज अवधेश कुमार को बयान दर्ज कराया था. उसमें उन्होंने राजेंद्र कबाड़ी के बेटे राजू व जेल में बंद राजीवं पर हमला करने का आरोप लगाया था. लेकिन, इस घटना के करीब डेढ़ महीने होने को हैं, पुलिस राजू को नहीं पकड़ सकी है. फायरिंग वाले दिन से ही राजू फरार चल रहा है.

आरोपी का पूरा परिवार घर छोड़ फरार

सुरेंद्र जायसवाल पर फायरिंग के बाद से ही आरोपी राजेंद्र कबाड़ी का पूरा परिवार घर में ताला लगाकर फरार है. राजेंद्र का घर टाटीसिल्वे के हरिनगर में है. गांव के लोग भी राजेंद्र के परिवार से गुस्से में हैं. राजेंद्र की कुछ संपत्ति गांव वालों ने कब्जे में कर लिया है. आक्रोशित गांव वालों का कहना है कि सुरेंद्र को गोली मारने वाला राजू जब तक सरेंडर नहीं करेगा, उसके परिजन को गांव में घुसने नहीं दिया जाएगा.