नई दिल्ली (एएनआई)। कैप्टन ने बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर चल रहे किसान आंदोलन पर चर्चा की। कैप्टन ने तीनों कृषि कानूनों को तुरंत रद करके संकट का अर्जेंट हल निकालने की अपील की। यह बैठक पंजाब कांग्रेस चीफ नवजोत सिंह सिद्धू के रिजाइन करने के बाद हुई। कयास लगाए जा रहे थे कि कैप्टन बीजेपी में शामिल हो सकते हैं।


अपनी राजनीतिक स्थिति को लेकर खुलकर बोले कैप्टन
हालांकि बृहस्पतिवार को पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने यह साफ कर दिया कि वे बीजेपी में शामिल नहीं हो रहे हैं। साथ ही उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि कांग्रेस में बने रहने की उनकी अब कोई मंशा नहीं है। उनका कहना था कि कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने उनकी अनदेखी की है। कैप्टन के कार्यालय की तरफ से कहा गया है कि कांग्रेस नेतृत्व ने उनका अपमान किया है।


कांग्रेस नेतृत्व पर अपमान का आरोप लगा दिया था इस्तीफा
18 सितंबर को कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने मीडिया में आकर कहा था कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने उनका अपमान किया है। सिद्धू की जमकर आलोचना करते हुए कैप्टन ने कहा था कि वह स्थिर व्यक्ति नहीं हैं। अगले चार महीनों में पंजाब में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में इस बैठक को बीजेपी की कवायद मानी जा रही है।

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