-ऑपरेशन के बाद एक ही बेड पर चार मरीजों से लिटाया गया

-मरीजों के सर्दी के मौसम में फर्श पर बिठाया गया

-ऑपरेशन रूम में लटक रहे थे बिजली के नंगे तार

GORAKHPUR: जिला अस्पताल में नेत्र रोगियों के ऑपरेशन में जबर्दस्त लापरवाही देखने को मिल रही है। लापरवाही का आलम यह है कि मरीजों को ऑपरेशन के तुरंत बाद बाद बाहर बिठा दिया गया। आंखों जैसे संवेदनशील अंग के ऑपरेशन के बाद भी मरीज फर्श पर सोने को मजबूर हैं। जबकि उन्हें अधिक साफ सफाई वाली जगह की जरूरत होती है। इसके बाद भी मरीजों को खुले आसमान और जमीन पर घंटों बैठना पड़ा।

शर्मनाक लापरवाही

आंख जैसे नाजुक अंग के ऑपरेशन में थर्सडे मार्निग जिला अस्पताल प्रशासन ने जो लापरवाही की वह शर्मनाक है। आंखों के ऑपरेशन के बाद एक ही बेड पर चार से ज्यादा मरीज लिटा दिए गए। सबके खतरनाक बात यह है कि जहां ऑपरेशन किया गया वह जगह खतरे से खाली नहींथी। दीवरों पर बिजली के नंगे तार लटक रहे थे। वहींमरीजों से इस सर्दी में फर्श पर बिठाया गया। जबकि नियम यह है कि ऑपरेशन के तुरंत बात मरीजों को साफ सुथरा बेड दिया जाए और एक बेड पर एक ही मरीज भर्ती हो। ऐसा लग रहा था डॉक्टरों ने मरीजों का ऑपरेशन कर कोई एहसान किया हो। इन सबके बावजूद भी डिस्ट्रिक्ट हॉस्टिपटल एडिमिनिस्ट्रेशन की नजरें इन खामियों पर नहींगई। ऐसा लग रहा है कि वह किसी अनहोनी का इंतजार कर रहा है।

चश्मा के लिए ले रहे पैसे

जिला अस्पताल में आंखों के ऑपरेशन के बाद मरीजों को चश्मे के नाम पर ठगा जा रहा है। नियमानुसार यह चश्मे मरीजों के मुफ्त दिये जाने चाहिए, लेकिन चश्मे के लिए मरीजों से भ्0 से लेकर क्00 रुपए तक लिये जा रहे हैं। यहीं नहींजो सुविधाएं निशुल्क है उनके नाम पर अस्तताल के कर्मचारी मरीजों से पैसे ले रहे हैं।

वर्जन

इस प्रकार का मामला सामने आया है। जो ठीक नहीं है। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले को गंभीरता से लिया गया है। डॉक्टर और स्टाफ नर्सो को भी हिदायत दी गई है कि कमियों को दूर करें। यदि वार्ड में बेड की कमी है तो अतिरिक्त बेडों की व्यवस्था की जाएगी।

डा.एचआर यादव, एसआईसी, जिला अस्पताल