-कैश लिमिट बढ़ाने के लिए लिखा गया लेटर, चल रही कवायद

-बैंक्स जैसी सुविधाएं देने की तैयारी में जुटा है डाक विभाग

बरेली : वजूद बचाने के लिए जूझ रहा डाक विभाग लगातार कंज्यूमर्स के लिए सर्विस में सुधार कर रहा है. पोस्ट पेमेंट्स बैंक के जरिए लोगों को बैंक्स जैसी सुविधाएं देने की कोशिश की जा रही है. लेकिन इसकी शुरूआत के बाद से कैश की कमी का सामना कर रहे डाक विभाग अब पोस्ट ऑफिसेस में कैश की लिमिट बढ़ाने की तैयारी कर रहा है, जिससे लोगों को उनकी जरूरत के अनुसार कैश दिया जा सके. इसके लिए डिपार्टमेंट ने हेड ऑफिस को लेटर लिखा है.

जल्द खत्म हो जा रहा कैश

सितंबर 2018 में डाक विभाग ने आईपीपीबी (इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक) की शुरूआत की थी. इसके तहत 31 अगस्त तक 19 हजार लोग अकाउंट खुलवा चुके हैं. समय-समय पर इन अकाउंट होल्डर्स की जरूरत के अनुसार कैश की डिमांड पूरी करने में डिपार्टमेंट को दिक्कत आ रही है. वजह यह है कि पोस्ट ऑफिसेस की लिमिट काफी कम है. इसके चलते कुछ कंज्यूमर्स की डिमांड पूरी करने के बाद ही कैश खत्म हो जाता है और कंज्यूमर्स को निराश होकर लौटना पड़ता है.

एआईपीएस बना चैलेंज

दोसितंबर से एआईपीएस (आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम) लागू की गई है. हालांकि अभी यह सेवा पूरी तरह से रन नहीं कर पा रही है. इस नई सेवा से डिपार्टमेंट की खोई साख वापस आने की उम्मीद जताई जा रही है. लोगों को इस सुविधा का लाभ देने के लिए डाक विभाग डाकिया को कैश देगा. यह तभी संभव हो पाएगा जब ब्रांच के पास पर्याप्त कैश होगा.

इस तरह चल रहा प्रजेंट टाइम में वर्क

विभागीय कर्मचारियों के मुताबिक प्रजेंट टाइम में डाक विभागफिक्स कैश ही ब्रांचों को देता है, जिसके बाद लोगों द्वारा जमा किए जाने वाले कैश से ही लेन-देन करना पड़ता है. इसके चलते अक्सर कैश खत्म हो जाता है. बता दें कि पोस्ट ऑफिस में तय लिमिट से ज्यादा कैश आ जाने पर डेली कैश को अपनी से बड़ी ब्रांच में जमा करना होता है, लेकिन डेली कैश निकालने वालों की संख्या ज्यादा होने की वजह से कैश कम पड़ जा रहा है.

ब्रांचेस की कैश लिमिट

सिंगल हैंड ऑफिस -50 हजार

एलएसजी -2.50 लाख

एचएसजी -15 लाख

बरेली एचओ -50 लाख

वर्जन

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पोस्ट ऑफिसेस की कैश लिमिट बढ़ाई जानी है. इसके लिए हेड ऑफिस लेटर भेजा गया है.

-एसके त्रिवेदी, सीनियर पोस्ट मास्टर, हेड पोस्ट आफिस