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LUCKNOW : पूर्व सांसद एवं प्रदेश के बड़े माफिया में शुमार अतीक अहमद पर सीबीआई का शिकंजा कसने लगा है। राजधानी स्थित सीबीआई जोनल मुख्यालय की स्पेशल क्राइम ब्रांच ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अतीक अहमद और उनके पुत्र उमर समेत छह लोगों के खिलाफ लखनऊ के कारोबारी मोहित जायसवाल को देवरिया जेल में बंधक बनाकर मारपीट और वसूली करने का केस दर्ज कर लिया है। इससे पहले अतीक को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गुजरात की जेल में ट्रांसफर भी किया जा चुका है। सीबीआई की टीम जल्द ही देवरिया जेल जाकर इस घटना से जुड़े सुबूत जमा करने की तैयारी कर रही है।

26 दिसंबर को ले गये थे जेल
दरअसल लखनऊ के कारोबारी कृष्णानगर निवासी मोहित जायसवाल ने पुलिस में शिकायत की थी कि बीते दो साल से अतीक और उसके गुर्गे उस पर धनउगाही का दबाव बना रहे थे। उसने कुछ रकम दी जिसके बाद अतीक कुछ दिनों के लिए शांत हो गया। इसके बाद बीते चार माह से अतीक के गुर्गे फारुक और जकी अहमद दोबारा पैसा देने का दबाव बनाने लगे। पैसे न देने पर उन्होंने मेरे ऑफिस पर कब्जा कर लिया और कंपनी में जबरन अपना नाम लिखवा लिया। अत्याधिक दबाव के बावजूद मैंने कंपनी का कोई भी शेयर उनको ट्रांसफर नहीं किया। विगत 26 दिसंबर को अतीक का एक गुर्गा उनको जबरन फाच्र्यूनर गाड़ी से देवरिया जेल ले गया जहां पहले से अतीक, उनका पुत्र उमर और 10-12 गुर्गे मौजूद थे। उसमें से जफरउल्ला उर्फ गुलाम सरवर ने उसको जेल में बुरी तरह मारा-पीटा जिससे उसे तमाम गंभीर चोटें आईं। इसके बाद अतीक अहमद के द्वारा मेरी कंपनी एमजे इंफ्रा हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड, एमजे इंफ्रा ग्रीन प्राइवेट लिमिटेड, एमजे इंफ्रा लैंड एलएलपी व एमजे इंफ्रा स्टेट प्राइवेट लिमिटेड को फारुख और जकी ने जबरन अपने नाम ट्रांसफर करवा लिया। साथ ही उसकी फॉच्र्यूनर गाड़ी भी छीनकर वहीं खड़ी कर ली।

बहन के भी कराए साइन

मोहित ने अपनी शिकायत में कहा कि इसके बाद अतीक और उसके गुर्गों ने सभी कंपनियों के रेसिगनेशन लेटर हेड पर मुझसे व मेरी बहन के साइन कराए और जान से मारने की धमकी देते हुए कहा कि जेल में तुम्हारी हत्या नहीं कर सकता इसलिए तुझे मजबूरी में जिंदा छोड़ रहा हूं वरना आज तेरी बोटियां कटवाकर बिरयानी बनवा देता। मेरे वापस आने के बाद भी अतीक अपने गुर्गे आधी रात को मेरे घर पर डराने-धमकाने भेजता रहा। मोहित ने पुलिस में शिकायत के बाद सुप्रीम कोर्ट की शरण भी ली थी जिसके बाद कोर्ट ने अतीक को तत्काल गुजरात की किसी जेल में ट्रांसफर करने और इस मामले की जांच सीबीआई से कराने के निर्देश जारी किए थे।

पुराने आईओ से होगा आमना-सामना
इस मामले का खास पहलू यह है कि अतीक के खिलाफ जांच का जिम्मा उसी सीबीआई अफसर डिप्टी एसपी प्रशांत श्रीवास्तव को दिया गया था जिसने कुछ वर्षों पूर्व इलाहाबाद में मिनिस्ट्री ऑफ कारपोरेट अफेयर्स के ऑफिशियल लिक्विडेटर ऑफिस में अतीक द्वारा अफसरों को धमकाने के मामले की जांच की थी। इस मामले में अतीक के खिलाफ अदालत में चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है। स्पेशल क्राइम ब्रांच के एसपी एसके खरे ने अतीक के आपराधिक इतिहास को ध्यान में रखते हुए प्रशांत श्रीवास्तव को देवरिया जेल में हुई इस घटना की जांच का जिम्मा सौंपा है।

अतीक का 'अतीत' हो जाएगा नैनी जेल

फैक्ट फाइल
- 26 दिसंबर को देवरिया जेल में कारोबारी को बंधक बनाकर मारपीट की
- 28 दिसंबर को अतीक के खिलाफ कृष्णानगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज
- 23 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने अतीक के खिलाफ केस दर्ज करने को कहा
- 02 जून को अतीक को गुजरात की अहमदाबाद जेल में किया गया ट्रांसफर

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