UTTARKASHI: केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा कि अगर मेरा बस चला होता तो मैं उत्तराखंड में पैदा होती और यहीं से चुनाव लड़ती. यहीं से मंत्री बनती और यहीं की मुख्यमंत्री बनती. लोकसभा चुनाव के बीच उमा भारती का उत्तराखंड की सियासत से जुड़ा यह पहला बयान है. इससे पहले उमा भारती ने कभी उत्तराखंड से चुनाव लड़ने की बात नहीं कही थी. सत्ता और सियासत के बीच उमा भारती के इस बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं. केंद्रीय मंत्री उमा भारती 7 मई से लेकर 12 मई तक उत्तरकाशी जनपद की हर्षिल घाटी में ध्यान और साधना में व्यस्त रही. संडे की शाम को वह उत्तरकाशी से गुप्तकाशी के लिए रवाना हुई.

विश्वनाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना
संडे की दोपहर को विश्वनाथ मंदिर में जब केंद्रीय मंत्री उमा भारती पहुंची, तो मीडिया को देखकर उमा भारती बोली यहां पत्रकारों को किसने बुलाया. फिर उमा भारती मीडिया से बात करने के लिए राजी हुई तो उत्तराखंड से जुड़ा सियासी बयान दे डाला. उमा भारती ने कहा कि उत्तराखंड से उनका रिश्ता ठीक उसी तरह का है, जैसे बेटी का अपने मां-बाप के प्रति होता है. बहन का भाई के प्रति होता है. लोकसभा चुनाव के मिजाज पर उमा भारती ने कहा कि मुझे मिजाज का पता नहीं लगता, लेकिन, मेरी इच्छा है कि मोदी जी प्रधानमंत्री बनें, मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने को लेकर मेरी इच्छा और प्रबल हो गई है.

स्वच्छता के सवाल पर कुछ नहीं कहेंगी
स्वच्छता के सवाल पर केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा कि मंत्रालय और सरकार के कामकाज पर वे बिल्कुल भी टिप्पणी नहीं करेंगी, लेकिन उत्तराखंड के लोग स्वभाविक रूप से स्वच्छता प्रेमी होते हैं, उत्तराखंड पहला राज्य था, जो सबसे पहले ओडीएफ घोषित हुआ, इसके लिए सबसे बड़ा योगदान यहां के लोगों का था. संडे को उत्तरकाशी में उमा भारती ने विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और स्थानीय देव डोलियों से भी आशीर्वाद लिया. बाद में केदारघाट पर भी गंगा पूजन किया.