उत्तराखंड आयुर्वेद यूनिवर्सिटी में हुए भ्रष्टाचार का मामला

दोनों महिलाओं पर फर्जी फर्म बनाकर लाखों के लेन-देन का आरोप

देहरादून,

उत्तराखंड आयुर्वेद यूनिवर्सिटी में हुए भ्रष्टाचार के आरोप में विजिलेंस ने निलंबित कुलसचिव मृत्युंजय मिश्रा के करीबी फर्म संचालिका नूतन रावत और शिल्पा अरोड़ा के खिलाफ भी कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है. आरोपी दोनों महिलाओं पर फर्जी फर्म बनाकर कागजों में लाखों रुपये की आपूर्ति दिखाने का आरोप है. इसके एवज में इन्होंने यूनिवर्सिटी से एक करोड़ से ज्यादा का भुगतान भी प्राप्त किया था. यह दोनों भी मिश्रा के साथ सुद्धोवाला जेल में है.

31 मई को भेजा जेल

विजिलेंस ने इस मामले के आरोप में तीन दिसंबर 2018 को निलंबित कुलसचिव मृत्युंजय मिश्रा को गिरफ्तार किया था. 31 मई को विजिलेंस ने मिश्रा की करीबी और विवि को कंप्यूटर, सीसीटीवी कैमरे समेत अन्य उपकरण की आपूर्ति करने वाली फर्म अमेजन ऑटोमेशन की शिल्पा त्यागी और क्रिएटिव व‌र्ल्ड सोल्यूशन की संचालिका नूतन रावत को गिरफ्तार कर जेल भेजा. घोटाले में इन दोनों की अहम भूमिका पाई गई. मिश्रा ने मिलीभगत कर इनकी फर्मो को लाखों का भुगतान कराया. इसके बाद फर्जी बैंक खाते खोलकर लाखों रुपये की आपस में बंदरबांट की. इसके प्रमाण विजिलेंस को मिश्रा की पत्‍‌नी और बेटे के नाम खोले गए बैंक खातों से भी मिले. इस मामले में दोनों महिलाओं के खिलाफ दो हजार से ज्यादा पन्नों की चार्जशीट जांच अधिकारी इंस्पेक्टर प्रदीप पंत ने विजिलेंस कोर्ट में दाखिल की है.

आरती के खिलाफ भी चार्जशीट

विजिलेंस ने आरती मिश्रा के नाम भी चार्जशीट दाखिल की है. आरती मिश्रा को यूनिवर्सिटी में नौकरी दी गई थी, लेकिन वह कभी भी यूनिवर्सिटी में उपस्थिति नहीं हुई. जबकि उसको हर माह वेतन मिला है. फर्जी तरीके से भुगतान प्राप्त करने के एवज में विजिलेंस ने उन पर यह कार्रवाई की है.