-सीएमओ के निर्देश पर तंबाकू नियंत्रण टीम ने श्यामगंज में दो दुकानों में मारा छापा

-फ्लेवर की वजह से छोटे बच्चे इन सिगरेट को खरीदते हैं ज्यादा

बरेली-चाइनीज और इंडोनेशिया की सिगरेट से बच्चों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. स्ट्रावेरी, मैंगो व एपल फ्लेवर के चलते बच्चे इन्हें जमकर खरीद रहे हैं. इन सिगरेट पर वैधानिक चेतावनी भी नहीं लिखी थी. बरेली में खुलेआम इसकी बिक्री की जा रही है. सीएमओ के निर्देश पर तम्बाकू नियंत्रण की टीम ने सैटरडे को श्यामगंज में दो दुकानों में छापेमारी की तो यहां काफी मात्रा में सिगरेट के पैकेट मिले, जिन पर वैधानिक चेतावनी प्रिंट नहीं थी. टीम ने दोनों दुकानदारों से 1200 रुपए का जुर्माना वसूला है और भविष्य में दोबारा इस तरह की सिगरेट मिलने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी.

आईटीसी ने सौंपी है लिस्ट

तंबाकू नियंत्रण टीम के रीजनल को-ऑर्डिनेटर सुरजीत सिंह ने बताया कि सीएमओ के पास आईटीसी के द्वारा बरेली के 5 दुकानदारों की लिस्ट दी गई थी, जो बिना वैधानिक चेतावनी प्रिंट वाली सिगरेट बेच रहे हैं. सीएमओ के निर्देश पर सैटरडे को श्यामगंज में जय माता दी जनरल स्टोर और जुनेजा ट्रेडर्स की शॉप में छापा मारा तो यहां काफी मात्रा में सिगरेट का स्टॉक मिला. जब दुकानदारों से पूछताछ हुई तो बोले कि सिगरेट की बिक्री करते हैं लेकिन उन्हें पता नहीं है कि इस सिगरेट पर रोक है. इस पर दोनों दुकानदारों को चेतावनी दी गई.

बोर्ड नहीं टांग रहे दुकानदार

रीजनल को-आर्डिनेटर सुरजीत सिंह ने बताया कि किसी भी तरह की तंबाकू की बिक्री तभी की जा सकती है, जब उसके पैकेट पर वैधानिक चेतावनी प्रिंट हो. इसके अलावा दुकान पर 60 गुना 45 सेमी. का बोर्ड टांगना होगा, जिसमें लिखा होगा कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे को तंबाकू बेचने पर रोक है. इसके अलावा किसी भी कंपनी का विज्ञापन बोर्ड भी नहीं टंगा होना चाहिए. इसको लेकर अवेयर किया जा रहा है और न मानने वालों पर एक्शन भी लिया जाएगा.