क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ: इस बार रांची में गणतंत्र दिवस के अवसर पर 26 जनवरी को मोरहाबादी मैदान में चुटिया स्थित ऐतिहासिक राम मंदिर की झांकी दिखेगी. राम मंदिर जिसका पूराना नाम राधा गोविंद बल्लभ मंदिर है. इसके लिए चुटिया राम मंदिर का डिजाइन तैयार किया जाएगा, जिसमें हर एक चीज लोगों को दिखाई जाएगी. रांची जिला प्रशासन द्वारा शहर के सबसे बेहतरीन डिजाइनर जो प्रदर्शनी को डिजाइन करेंगे, उसका चयन किया जा रहा है. रांची जिला प्रशासन की टीम द्वारा डिजाइन तैयार करने के लिए अनुभवी एजेंसी का चयन किया जा रहा है.

330 साल पुराना इतिहास

चुटिया स्थित वर्तमान राम मंदिर कभी नागवंशी राजा रघुनाथ शाहदेव का महल था, जिसके चारों ओर गुफ ाएं थीं जहां दिन-रात पहरेदार रहा करते थे. इन्हीं गुफ ाओं से राजा आते-जाते थे. यहां राधा कुंड था जहां रानी स्नान किया करती थीं और राधा-कृष्ण की पूजा-अर्चना करती थीं. स्वयं राजा कृष्ण भक्त थे. चैतन्य महाप्रभु के दो भक्त गौर और निताय कीर्तन करते हुए चुटिया आए, तभी राजा को स्वप्न हुआ कि यहां पर आमूक आकृति का मंदिर बनाओ. राजा रघुनाथ शाहदेव ने 1687 ई में पत्थर का खूबसूरत मंदिर बनवाया और मंदिर के रख-रखाव के लिए गांव दान में दिया. बाद में राजा रघुनाथ रातू किला चले गए. चुटिया स्थित राम मंदिर का 330 साल पुराना इतिहास है इसलिए इस थीम की प्रदर्शनी का चयन इस साल गणतंत्र दिवस पर किया गया है. सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा इस थीम का चयन किया गया है और इस प्रदर्शनी को डिजाइन कराने की तैयारी की जा रही है.

मंदिर में राम-कृष्ण का अनोखा संगम

रांची रेलवे स्टेशन से पांच मिनट पैदल चलने पर राधा वल्लभ मंदिर या प्राचीन राम मंदिर स्थित है. नागवंशी राजा रघुनाथ शाहदेव ने इसे 1687 ईस्वी में बनवाया था. मंदिर को साधारणतया लोग सीताराम मंदिर के नाम से जानते हैं, लेकिन मंदिर में एक शिलालेख में राधावल्लभ मंदिर नाम अंकित है. गर्भगृह में राम, सीता, लक्ष्मण के साथ राधा-वल्लभ की मूर्ति स्थापित हैं. राम-कृष्ण को मानने वाले धर्मावलंबियों के लिए यह मंदिर खास है. इसी को देखते हुए इस साल गणतंत्र दिवस पर इसकी प्रदर्शनी दिखाई जाएगी.

पुरानी एजेंसी करेगी इसकी डिजाइन

रांची जिला प्रशासन द्वारा चुटिया राम मंदिर थीम को डिजाइन करने के लिए शहर की पुराने एजेंसी का चयन किया जा रहा है. इसका डिजाइन टर्नकी के आधार पर तैयार किया जाएगा. सबसे बड़े डाला वाले ट्रक पर इस राम मंदिर का डिजाइन पेश किया जाएगा और इसे आम लोगों को देखने के लिए उपलब्ध कराया जाएगा. एजेंसी चयन का काम पूरा करने के लिए 16 जनवरी की डेट तय है.