- तेज साउंड में चालक द्वारा बजाए जाते हैं फूहड़ गाने

- गानों से ड्राइवर का ध्यान भटकने का रहता है खतरा

- बीमार लोग व ग‌र्ल्स को हो रही है ज्यादा परेशानी

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DEHRADUN : राजधानी में दौड़ रहे सिटी बस और विक्रम में छेड़छाड़ करना आम बात है, लेकिन अब नए तरीके से ग‌र्ल्स को परेशान किया जा रहा है. वह तरीका है वाहनों में बजने वाला फूहड़ म्यूजिक. नियमानुसार वाहनों में म्यूजिक सिस्टम बजाना अपराध है. ऐसा पाए जाने पर चालान काटने की कार्रवाई की जा सकती है. बावजूद सिटी बस और विक्रम चालक वाहनों में धड़ल्ले से म्यूजिक सिस्टम बजा रहे हैं.

नियमों का रखा है ताक पर

दरअसल, राजधानी में हजारों की संख्या में लोग विक्रम और सिटी बस में सफर करते हैं. आरटीओ ऑफिस में रजिस्टर्ड विक्रमों की संख्या 78ब् है, जबकि रजिस्टर्ड सिटी बस की संख्या पोने दो सौ के पार है, सभी के लिए नियम कानून बनाए गए हैं. मसलन वाहनों में ओवरलोडिंग नहीं की जाएगी. वाहन चालक वर्दी पहनेंगे और वाहनों में म्यूजिक सिस्टम नहीं बजेगा. फिटनेस बेहतर होगी और तय स्पीड से वाहन चलेंगे, लेकिन किसी भी नियम का पालन वाहन चालकों द्वारा नहीं किया जा रहा है.

तेजी से बजाए जाते फूहड़ सॉन्ग

सिटी बस हो या फिर विक्रम दोनों में तय संख्या से अधिक सवारियां बैठाई जा रही हैं. इसका परिणाम महिलाओं के साथ होने वाली छेड़छाड़ के रूप में सामने आ रहा है. अब म्यूजिक सिस्टम के माध्यम से सवारियों को परेशान किया जा रहा है. वाहन चालक अपने वाहनों में फूहड़ गाने तेजी से बजाते हुए सिटी में चल रहे हैं. एआरटीओ आरपी राठौर ने बताया कि वाहनों में म्यूजिक सिस्टम बजाने पर क्00-भ्00 रुपए तक का चालान काटा जा सकता है.

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ये होती है दिक्कतें

- वाहनों में म्यूजिक से बंट सकता है ड्राइवर का ध्यान

- ड्राइवर का ध्यान बंटने से बढ़ जाता है दुर्घटना का खतरा

- फूहड़ गानों से सवारियों को होती है दिक्कत

- बीमार व महिला सवारियों को होती है खासी परेशानी

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विक्रम और सिटी बस में म्यूजिक सिस्टम लगाने वालों के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलाया जाता है, जिसमें कई वाहनों के चालान भी काटे गए हैं. आगे भी ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

-आरपी राठौर, एआरटीओ, प्रवर्तन.