क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : स्मार्ट शहर में अब सरकारी सिस्टम भी होगा स्मार्ट. इसके लिए प्रयास शुरू कर दिया गया है. बिजली विभाग शहर में अब स्मार्ट मीटर लगाने जा रहा है. इसके लिए 15-20 दिन में प्रॉसेस पूरा कर टेंडर जारी कर दिया जायेगा. पहले आरएफ मेस का निर्माण कराया जायेगा. इसी मेस से स्मार्ट मीटर कंट्रोल किए जायेंगे. मेस के तैयार होते ही स्मार्ट मीटर लगाने का काम स्टार्ट होगा. फ‌र्स्ट फेज में रांची में 3.50 लाख लोगों के घरों के मीटर को बदले जाने का लक्ष्य है. स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली ट्रिप होते ही विभाग को मिल जाएगी जानकारी जिसके बाद मिनटों में ही इसे ठीक कर दिया जाएगा. वहीं बिजली चोरी पर कंट्रोल होगा. साथ ही लाइन में लगकर बिल जमा करने की समस्या भी दूर होगी.

क्या है स्मार्ट मीटर

स्मार्ट मीटर टू वे कम्यूनिकेशन पर आधारित है. इस पर कंज्यूमर और डिपार्टमेंट दोनों का कमांड होगा. क्षमता से अधिक लोड होने पर या बिल ज्यादा बकाया होने पर पावर खुद कट हो जायेगा और पेमेंट पूरा होते ही बिजली ऑटोमेटिक बहाल हो जायेगी. स्मार्ट मीटर में प्रीपेड और पोस्ट पेड दोनों सुविधा दी जायेगी. प्री पेड में पहले रिचार्ज कराना होगा, तो वहीं पोस्ट पेड में आप उपयोग के बाद पेमेंट कर सकेंगे. इसके लिए स्काडा की मदद ली जायेगी. स्काडा सिस्टम का तीन पार्ट है. पहला कंप्यूटर, दूसरा कम्यूनिकेशन और तीसरा ग्राफिकल रिप्रेजेंटेशन. इस सिस्टम से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि किस क्षेत्र में बिजली की कितनी खपत हो रही है. यह स्मार्ट मीटर रेडियो फ्रिंक्वेंसी सिस्टम पर काम करेगा. स्मार्ट मीटर सभी घरों के मीटर से कनेक्टेड होगा. इससे यह फायदा होगा कि यदि कहीं भी लाइट ट्रिप करती है तो मुख्यालय में बैठे इंजीनियरों को इसका तुरंत पता चल जायेगा. बिजली चोरी की भी जानकारी अधिकारियों को हो जायेगी.

मीटर रीडर का नहीं करना होगा इंतजार

स्मार्ट मीटर लगने के बाद कंज्यूमर को बिजली बिल के लिए मीटर रीडर का इंतजार नहीं करना होगा. उपभोक्ताओं को ऐसी सुविधा दी जायेगी जिससे वे अपने यहां लगने वाले स्मार्ट मीटर की रीडिंग स्वयं कर सकेंगे और तुंरत बिल का भुगतान भी कर सकेंगे. इसके लिए विभाग जल्द ही सेल्फ बिलिंग ऐप लांच करेगा. इस एप को प्ले स्टोर के माध्यम से मोबाइल में इंस्टाल करना होगा. इस एप में उपभोक्ता को अपना नाम व मीटर नंबर दर्ज करना होगा. एक मोबाइल से एक मीटर ही ऑपरेट हो सकेगा.

वर्जन

कंज्यूमर की सुविधा के लिए इस प्रोजेक्ट को शुरू किया जा रहा है. रांची पहला शहर होगा जहां मास लेवल स्मार्ट मीटरिंग आरंभ होगा. काम चल रहा है, आने वाले 15 से 20 दिन में टेंडर निकाला जायेगा, जिसके बाद मेस का निमार्ण शुरू हो जायेगा.

संजय कुमार, जीएम जीआई, जेबीवीएनएल रांची