शहर में कांवडि़यों के साथ आस्थावानों की भीड़ आनी शुरू

बढ़ने लगी जाम की समस्या और प्रभावित होने लगा कारोबार

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VARANASI

सावन की शुरुआत के साथ ही शिव की नगरी काशी में बुधवार को सुबह से ही शिवालयों में हर-हर महादेव की गूंज सुनाई देने लगी. इसके साथ ही शहर के लोगों की सांसत भी शुरू हो गयी. टै्रफिक जाम, सफर और व्यापार में परेशानी से शहरवासी दो-चार होने लगे हैं. जैसे-जैसे कांवरियों और बाबा के भक्तों की भीड़ बढ़ेगी, उसी तरह से यहां के लोगों की सांसत भी बढ़ेगी. पहले दिन से इसकी झलक भी दिखनी शुरू हो गई. कई रोड जाम की चपेट में रहे. सावन माह के पहले दिन ही इलाहाबाद जाने में यात्रियों को चार से पांच घंटे लग गये और किराया भी 27 रुपये अधिक देना पड़ा. अन्य रूटों पर भी परेशानी बढ़ी. कोतवाली, चौक, बांसफाटक, गोदौलिया, दशाश्वमेध एरिया में कारोबार प्रभावित होने लगा है.

शहर में बढ़ेगा जाम

जाम इस शहर के लिए आम है लेकिन सावन में यह समस्या और बढ़ेगी. श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में आस्थावानों की हाजिरी लगती है. सावन महीने में यही हाजिरी कई गुना बढ़ जाती है. एक अनुमान के अनुसार विश्वनाथ मंदिर में सावन में हर दिन दस हजार से अधिक श्रद्धालु मत्था टेकते हैं, यह संख्या सोमवार को लाखों में होती है. यह भीड़ शहर के आठों रूटों से मंदिर पहुंचेगी, जिससे शहर में जाम की समस्या और बढ़ जाएगी.

इन रास्तों पर लगता है जाम

मैदागिन-गोदौलिया

-लक्सा-गोदौलिया वाया गिरिजाघर

-सोनारपुरा-गोदौलिया वाया मदनपुरा

-विशेश्वरगंज-लहुराबीर

-दुर्गाकुंड-बीएचयू

-कैंट-लहरतारा

-सामनेघाट-बीएचयू

डीजे से परेशान होंगे मरीज

इलाहाबाद, भदोही, जौनपुर, आजमगढ़, चंदौली, सोनभद्र, मिर्जापुर, गाजीपुर से बड़ी संख्या में शिवभक्त डीजे पर नाचते-गाते विश्वनाथ मंदिर पहुंचते हैं. इनके रास्ते में तमाम हॉस्पिटल भी हैं. यहां भर्ती मरीजों को तेज साउंड से परेशानी होगी. आम लोगों की भी रात की नींद उड़ी रहेगी. हालांकि तेज साउंड पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने निर्देश दिया है लेकिन कई बार इसका पालन नहीं हो पाता है. तेज साउंड से इंसान के साथ पशुओं को भी परेशानी होती है. शहर में प्रमुख हास्पिटल, डीएलडब्ल्यू और सुंदरपुर में दो कैंसर हॉस्पिटल, नगवां में ट्रामा सेंटर, आयुर्वेद हास्पिटल, ईएसआई समेत बीएचयू, जिला एवं मंडलीय अस्पताल. इसके अलावा निजी हास्पिटलों की संख्या भी काफी ज्यादा है.

कारोबार हो रहा प्रभावित

सावन महीने में भारी वाहनों के शहर में आने पर रोक रहती है. ट्रकों की एंट्री न होने से फल-सब्जी और अनाज की आवक कम हो जाती है. ऐसी स्थिति में सामान कादाम बढ़ना तय है. मार्केट में साड़ी, दवा, कपड़ा, स्टेशनरी, किराना, अनाज, ज्वेलरी, कॉस्टमेटिक, पान के कारोबार लगभग ठप होने की आशंका है. शहर के प्रमुख बाजार विशेश्वरगंज, हड़हा सराय, दालमंडी, गोला दीनानाथ, चौक, रेशमकटरा, विशेश्वरगंज, सप्त सागर, गोदौलिया में व्यापार प्रभावित होने लगा है.

बढ़ा समय और किराया भी

सावन महीने में बनारस-इलाहाबाद रूटों पर यात्रियों की परेशानी बढ़ने लगी है. पहले जहां इलाहाबाद तक का 126 किमी का सफर तीन घंटे में पूरा होता था और किराया 137 रुपये था. वहीं 151 किमी का सफर तय करने में चार से पांच घंटे लग रहा है और किराया 164 रुपये देना पड़ रहा है. बस अब चांदपुर, कपसेठी, कंछवां, औराई गोपीगंज, हंडिया, फाफामऊ से इलाहाबाद जा रही है. इसी तरह आजमगढ़, गाजीपुर, सोनभद्र और जौनपुर तक जाने में यात्रियों को तमाम दिक्कतें हो रही है.

50

लाख भक्त दर्शन करेंगे बाबा विश्वनाथ का सावन में

5

लाख भक्त सावन में हर सोमवार को करते हैं दर्शन

2

हजार करोड़ का व्यापार प्रभावित होगा सावन में

151

किमी का सफर तय कर पहुंचना पड़ रहा इलाहाबाद

27

रुपये बढ़ गया इलाहाबाद का किराया

15

अगस्त को सावन माह होगा पूरा