गंदगी से पटा गया है पूरा शहर, जगह-जगह लगा है कूड़े का अम्बार

-प्रधानमंत्री के आगमन के मद्देनजर नगर निगम ने सफाई के लिए झोंकी ताकत लेकिन साबित हो रही नाकाफी

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VARANASI

एक बार फिर शहर में प्रधानमंत्री का आगमन होना है. इसकी जोरदार तैयारी चल रही है. देश को स्वच्छता के लिए प्रेरित करने वाले पीएम के संसदीय क्षेत्र बनारस में गंदगी नजर न आए इसके लिए नगर निगम ने ताकत झोंक दी है. शहर से कूड़ा को हटाने के लिए महा सफाई अभियान चला रहा है. खूब मशक्त हो रही है लेकिन हर तरफ पसरी गंदगी को दूर करने में यह काफी नहीं होगा. अगर शहर की सफाई पर रोज ध्यान देते तो इस तरह का अभियान चलाने की जरूरत नहीं पड़ती. सिर्फ कूड़ा ही नहीं शहर के तमाम इलाकों में सीवर ओवर फ्लो भी कर रहा है.

सिर्फ हो रहा दिखावा

शहर की सफाई का सिर्फ दिखावा हो रहा है. नगर निगम ने लम्बे समय तक सफाई का जिम्मा उठाया. कम संशाधनों में हांफते हुए अपने काम को अंजाम देने में लगा रहा लेकिन बेदम हो गया तो संस्थाओं की मदद ली. उन्होंने भी शहर में सफाई की बुरी हालत को देखकर हाथ खड़ा कर दिया. एक के बाद एक कई संस्थाओं को बदला गया लेकिन नतीजा कुछ खास नहीं निकला. पूरे शहर एक-छोर से दूसरे तक कूड़े से पहले भी पटा था और आज भी पटा है. शहर के कूड़ाघर इस कदर भरे रहते हैं कि कूड़ा दूर-दूर तक फैला रहता है.

कहां ले जाएं कूड़ा

शहर की सफाई में सबके बड़ा रोड़ा कूड़ा डम्पिंग ग्राउंड है. कूड़ा निस्तारण के लिए करसड़ा में प्लांट लगाया. सालों तक यह चल नहीं सका. पिछले महीने से चल रहा है लेकिन पूरी क्षमता से नहीं. कूड़ा निस्तारण ना हो पाने की वजह से शहर के कूड़ा को हटाने में परेशानी होती है. सिटी में लगभग म्भ्0 मिट्रिक टन कूड़ा रोज होता है. इसमें से महज आधा कूड़ा ही उठ पाता है. कुछ तो करसड़ा पहुंचता है लेकिन बाकी सब रमना या अन्य स्थानों पर डाल दिया जाता है. सिटी में हर रोज बच जाने वाला कूड़ा शहर की सूरत बदसूरत कर रहा है. इस बाबत अपर नगर आयुक्त बीके द्विवेदी का कहना है कि शहर की सफाई पूरजोर तरीके से की जा रही है. कूड़ा उठान का वक्त भी तय किया गया है. अधिक से अधिक कूड़ा निस्तारण पर भी जोर दिया जा रहा है.

हर तरफ गंदगी

-प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जिस जगन्नाथ गली में झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया था वह कूड़े से बजबजा रही है

-पीएम के संसदीय कार्यालय के निकल रवीन्द्रपुरी में हर सौ मीटर कूड़े का ढेर है

-जिस नगर निगम पर शहर की सफाई का जिम्मा है उसके ईर्द-गिर्द ही गंदगी पसरी रहती है

-सिटी का पॉस इलाका सिगरा-महमूरगंज का चप्पा-चप्पा कूड़े से पटा है

-घनी आबादी वाले इलाके बजरडीहा, लल्लापुरा, सरैया की हालत ऐसी है कि बिना नाक पर रुमाल रखने कोई गुजर नहीं सकता

-गंगा किनारे बसे इलाकों की सफाई के लिए एएलएण्डएफ संस्था को जिम्मेदारी दी गयी है लेकिन वहां की हालत बेहद खराब है

-गोदौलिया, दशाश्वमेध की हालत भी सफाई के मामले में अच्छी नहीं जबकि गंगा आरती देखने और काशी विश्वनाथ मंदिर में शीश नवाने दुनिया के लोग आते हैं

कूड़ा बना रहा बीमार

-शहर में हर रोज होने वाले म्भ्0 मिट्रिक टन कूड़े में से महज आधा हट पाता है

-नगर निगम की डेढ़ गाडि़यां कूड़ा उठान में लगी हैं लेकिन ये पर्याप्त नहीं हैं

-इतनी बड़ी आबादी वाले शहर को साफ करने की जिम्मेदारी महज दो हजार सफाईकर्मियों पर है

-हर तरफ पसरा कूड़ा शहर के लोगों को बीमार कर रहा है

-डेंगू से एक दर्जन से अधिक मौतों के बाद भी साफ-सफाई का इंतजाम नाकाफी है

-मलेरिया का डंक हर रोज दर्जनों लोगों को लग रहा है

-गंदगी से उपजी बीमारियों से ग्रसित दर्जनों लोग रोज हॉस्पिटल में पहुंच रहे हैं

हर तरफ सीवर हो रहे ओवर फ्लो

नगर में सीवर ओवरफ्लो की समस्या विकराल हो गई है. नगर का कोई ऐसा इलाका नहीं है जो बजबजा न रहा हो. सीवेज ओवरफ्लो व दूषित पेयजल की शिकायतों के बाद भी निस्तारण नहीं हो रहा है. जिम्मेदार विभाग जलकल इसे अनसुना कर दे रहा है. करीब ख्ब् किलोमीटर में फैले सीवेज सिस्टम की मेन लाइन व इससे जुड़ी ब्रांच लाइनों में सिल्ट जमा है. जलकल विभाग परिसर से सटे ही दो से तीन स्थानों पर ओवरफ्लो की शिकायत है. इसके अलावा भवनियां पोखरी, खोजवां, सुदामापुर, दुर्गाकुंड, बहजरडीहा, रानीपुर, कोनिया, आदमपुर, गोलगड्डा, शैलपुत्री क्षेत्र, श्रीकाशी विश्वनाथ परिक्षेत्र में आधा दर्जन गलियों में सीवेज ओवरफ्लो, अंधरापुल, तेलियाबाग आदि इलाके हैं. जलकल के पास अभी सफाई कार्य के लिए मात्र फ्म् कर्मचारी ही हैं जबकि जरूरत ख्70 की है.