एक्सक्लूसिव

- गवर्नमेंट कर रही है सीएम हेल्प लाइन नंबर लांच करने की तैयारी, नवंबर में होगा लॉन्च

- सभी इमरजेंसी नंबर अटैच होंगे हेल्पलाइन से, एक कॉल पर तत्काल मिलेगी पीडि़त को मदद

-एक साथ 500 कॉल्स हो सकेंगी अटेंड, प्राइवेट एजेंसी कर रही टेलीकॉलर्स की व्यवस्था

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KANPUR: मुसीबत में फंसे लोगों की मदद अब खुद मुख्यमंत्री करेंगे. एक कॉल पर सभी इमरजेंसी सेवाएं तत्काल आपके पास पहुंचेंगी. जी हां, सरकार जल्द ही सीएम हेल्पलाइन नंबर जारी करने जा रही है. इस नंबर की खासियत यह होगी कि मुसीबत में फंसे 500 लोग एक साथ मदद मांग सकेंगे. फायर, एंबुलेंस, पुलिस के इमरजेंसी नंबर्स को भी सीएम हेल्पलाइन से अटैच कर दिया जाएगा. यानी हर इमरजेंसी कॉल पर सीधे सीएम की नजर रहेगी. जिसकी वजह से संबंधित विभाग के अधिकारी टाल-मटोल नहीं कर सकेंगे. उन्हें हर हाल में पीडि़त को तत्काल मदद करनी होगी. नवंबर में हेल्पलाइन लांच

बिजी होने पर हो जाएगी ट्रांसफर

एसपी साउथ अशोक वर्मा ने बताया कि सीएम हेल्प लाइन के माध्यम से अब तक चल रहे सभी इमरजेंसी नंबर जैसे 100, 102, 108 व 1090 को अटैच कर दिया जाएगा. इसके तहत किसी भी नंबर पर कॉल करने पर सीधे सीएम हेल्प लाइन टेलीकॉलर से बात होगी, जो जरूरत के हिसाब से उस कॉल को संबंधित हेल्पलाइन पर ट्रांसफर कर देगा. यदि, इस बीच वो हेल्पलाइन बिजी हुई तो कॉल को उस डिस्ट्रिक्ट के डीएम, एसएसपी या किसी अन्य जिम्मेदार अफसर को ट्रांसफर कर दी जाएगी.

मोबाइल ऐप भी होगा कारगर

उन्होंने बताया कि सीएम हेल्पलाइन को लांच करने की तैयारियां जोरों से की जा रही हैं. इसके लिए टोल फ्री नंबर, वेब पोर्टल, लेटर के साथ ही मोबाइल ऐप भी लांच किया जा रहा है. यदि इमरजेंसी न हो तो भी कम्प्लेन सीएम हेल्पलाइन पर इन सभी माध्यमों से दर्ज कराई जा सकेगी. इसके लिए गवर्नमेंट एजेंसी को हायर कर रही है. सीएम हेल्प लाइन सेंटर में शुरुआती तौर पर 500 टेलीकॉलर्स की व्यवस्था की जाएगी, जिन पर एक साथ कॉल अटेंड कर हेल्प मुहैया कराई जा सकेगी. उन्होंने बताया कि आगे चल कर इन सीट्स की संख्या 1000 तक बढ़ाए जाने पर भी विचार किया जा सकता है.

वर्जन-

इमरजेंसी नंबर्स कई बार बिजी होने के चलते कई बार पीडि़त को समय पर हेल्प मुहैया नहीं कराई जा पाती. कई बार नंबर अटेंड करने में भी लापरवाही बरती जाती है. संबधित कर्मचारी भी टालमटोल करते हैं. सीएम हेल्पलाइन चालू होने के बाद ऐसा नहीं हो सकेगा. पीडि़त को फौरन मदद दी जाएगी. सिटी से इस संबंध में सभी डाटा कलेक्ट कर मुख्यालय भेजा जा रहा है.

- अशोक वर्मा, एसपी साउथ.

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फैक्ट फाइल

- 1600 इमरजेंसी कॉल्स औसत रोजाना आती हैं कानपुर में

- 650 औसतन कॉल्स इनमें पुलिस हेल्पलाइन नंबर पर.

-25 से ज्यादा कॉल्स फायर हेल्प लाइन नंबर पर आती हैं

- 880 कॉल्स औसतन आती हैं हेल्थ सर्विस हेल्प लाइन पर.

- 20 कॉल्स ही एक घंटे में सभी नंबर मिलाकर हो पाती हैं अटेंड

नोट- आंकड़े पुलिस अधिकारी से बातचीत के आधार पर