ममफोर्डगंज में रहकर करता था तैयारी, थरवई में हुई घटना, एसआरएन में हुई मौत

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ममफोर्डगंज में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे युवक की सोमवार की देर शाम गोली मारकर हत्या कर दी गयी. घटना को अंजाम देकर बदमाश आराम से भाग निकले. परिवार के सदस्यों का कहना था कि मृतक की किसी से कोई रंजिश नहीं थी. इससे समाचार लिखे जाने के समय तक न तो हत्या के कारणों का पता चल सका था और न बदमाशों के बारे में कुछ पता था. घटना के संबंध में परिवार के सदस्यों की तरफ से थाने में रिपोर्ट दर्ज करने के लिए दी गयी तहरीर में भी कुछ स्पष्ट नहीं बताया गया था. बवाल की संभावना को देखते हुए पुलिस अफसर मृतक के घर से लेकर अस्पताल तक पहुंच गये.

पेट में मारी गयी गयी

मृतक का नाम रविकेश यादव बताया गया है. वह मूल रूप से थरवई थाना क्षेत्र के बलीपुर गांव का रहने वाला था. घटना शाम सात बजे के करीब की है. घटना के समय रविकेश अपने एक रिश्तेदार को वाहन पकड़ाने के लिए सड़क तक आया था. उन्हें छोड़ने के बाद जैसे ही वह अपने घर जाने के लिए मुड़ा, पहले से ही घात लगाये बदमाशों ने उसे गोली मार दी. पेट में गोली लगने से वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया. गोली की आवाज सुनकर वहां मौजूद लोगों ने शोर मचाया और पुलिस को सूचना दी. पुलिस आनन-फानन में उसे लेकर एसआरएन अस्पताल आ गयी. यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

पिता हैं बीडीओ, शंकरगढ़ में तैनाती

मृतक समृद्ध परिवार से ताल्लुक रखता था. उसके पिता लाल बहादुर शंकर में बीडीओ पद पर तैनात हैं. बड़ा भाई हरिकेश पॉवर कॉरपोरेशन में अवर अभियंता के पद पर तैनात है. वह खुद भी सरकारी नौकरी हॉसिल करने के लिए तैयारी में जुटा था. पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल देने के उद्देश्य से परिवार के सदस्यों ने उसे शहर के ममफोर्डगंज में कमरा दिला दिया था. यहीं रहकर वह पढ़ाई के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटा था. बताया जाता है कि शनिवार को वह अपनी बुलट से घर गया था. इन दिनों उसे घर पर ही रहना था. शायद यह बात हमलावरों को भी पता थी, तभी उन्होंने घटना को उसके घर के आसपास ही अंजाम दिया.

दो दिन बाद थी बहन की सगाई

मृतक रविकेश दो भाईयों में छोटा था. उसकी सगी दो बहने हैं. बड़ी बहन का नाम रेनू और छोटी बहन का नाम रेखा है. बड़ी बहन रेनू का रिश्ता तय हो चुका था. 20 को उसकी सगाई होने वाली थी. परिवार उसकी शादी की तैयारियों में जुटा था. सगाई होने से पहले ही इस परिवार को तीन दिन के भीतर दूसरा बड़ा झटका लग गया. इससे पूरा परिवार सन्नाटे में आ गया. पोस्टमार्टम हाउस पर लोगों का रोना-पीटना देखकर पुलिस अफसर भी सकते में थे. लगातार बढ़ रही भीड़ पुलिस की परेशानी बढ़ा सकती थी, इसे देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल यहां बुला लिया गया था.

शनिवार को हुई थी बाबा की मौत

रविवार के परिवार को तीन दिन के भीतर दूसरा झटका लगा है. बताया जाता है कि उसके बाबा राम शरण का शनिवार को निधन हो गया था. उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए ही रविकेश घर गया था. रविवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया. इसमें तमाम रिश्तेदार भी शामिल हुए थे. सोमवार को एक रिश्तेदार को अपने घर जाना था. उन्हीं को छोड़ने के लिए सड़क तक आना रविकेश के लिए काल बन गया.