नई दिल्ली (एएनआई)। भारत में बढ़ते प्याज के दाम और क्राइसिस को लेकर उपभोक्ता मामलों के विभाग (डीओसीए) ने मंगलवार को एक बैठक की। इसमें डीओसीए ने एक अंतर मंत्रालय समिति के माध्यम से केंद्र सरकार को सलाह दी है कि देश में प्याज की आपूर्ति के लिए दूसरे देशों से प्याज के आयात को सुविधाजनक बनाने पर काम किया जाना चाहिए। इस बैठक की अध्यक्षता उपभोक्ता मामलों के सचिव अविनाश के श्रीवास्तव ने की। इस बैठक में कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के प्रतिनिधि समेत बागवानी आयुक्त, नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएएफईडी), मदर डेयरी, केंद्रीय भंडार, दिल्ली सरकार के प्रतिनिधि, एपीएमसी आजादपुर से एक प्रतिनिधि और उपभोक्ता मामलों के विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

भारतीय दूतावासों से प्याज के आयात की उम्मीद

इस बैठक के दौरान यह फैसला लिया गया कि अफगानिस्तान, मिस्र, तुर्की और ईरान में भारतीय दूतावासों से प्याज के आयात के लिए अनुरोध किया जाएगा ताकि भारत में ठीक तरह से उसकी आपूर्ति हो सके। बताया गया है कि पहले 80 कंटेनर प्याज का आयात तत्काल प्रभाव से होगा, फिर और 100 कंटेनर भारत में प्याज समुद्र के जरिए आने की उम्मीद है। इसी बीच एनएएफईडी को निर्देशित किया गया है कि वह दिल्ली सरकार और मदर डेयरी या रिटेल को प्याज की अधिकतम संभव मात्रा में प्याज की आपूर्ति करे।

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प्याज की आपूर्ति  टीमें कुछ राज्यों में होंगी रवाना

बता दें कि अतिरिक्त एमडी, एनएएफईडी की अगुवाई में एक टीम वहां की स्थिति का जायजा लेने के लिए नासिक के लिए रवाना होगी और महाराष्ट्र से दिल्ली और आस-पास के क्षेत्रों सहित उपभोग क्षेत्रों में आपूर्ति की आवाजाही की सुविधा प्रदान करेगी। वहीं दो अंतर-मंत्रालय की टीमें प्याज की आपूर्ति का जायजा लेने के लिए गुरुवार और शुक्रवार को कर्नाटक और राजस्थान के लिए प्रस्थान करेंगी और दिल्ली-एनसीआर सहित उपभोग क्षेत्रों को आपूर्ति को प्रोत्साहित करेंगी। डीओसीए ने दिल्ली सरकार के अधिकारियों को अंतर-मंत्रालय की टीमों के साथ कर्नाटक और राजस्थान जाने की सलाह दी है। वे व्यापारियों के साथ बैठक कर प्याज के दामों पर नियंत्रण रखने का अनुरोध करेंगे।

Posted By: Mukul Kumar

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