- इलाज में लापरवाही, फोरम ने दिया पांच लाख देने का आदेश

- बृज मेडिकल सेंटर के प्रबंधक ने किया था ऑपरेशन

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KANPUR : पथरी के आपरेशन में एक मरीज के साथ डॉक्टरों ने ऐसा खिलवाड़ किया कि उसकी जान बड़ी मुश्किल से बची. मामला कन्ज्यूमर फोरम पहुंचा तो फोरम ने डॉक्टरों को लापरवाह माना और एक लाख रुपए हर्जाने समेत 5 लाख रुपए पीडि़त मरीज को देने का आदेश किया.

यह मामला पनकी के ननियनपुरवा निवासी सोबरन सिंह का है. 8 दिसम्बर 2009 को फोरम में दायर किए गए वाद के मुताबिक सोबरन को पेट में दिक्कत थी. उन्होंने ई ब्लाक बृज मेडिकल सेंटर पनकी के प्रबंधक डॉ.मनीष वर्मा को दिखाया. उन्होंने जांच के बाद बताया कि गॉल ब्लाडर में पथरी है, जिसका ऑपरेशन करना पड़ेगा. जिसमें मय दवा के 20 हजार का खर्च आएगा. सोबरन ने 27 अप्रैल 2009 को उपरोक्त पैसा जमा करके दूरबीन पद्धति से ऑपरेशन करवाया.

तबीयत नहीं ठीक हुई

वादी ने फोरम को यह भी बताया कि ऑपरेशन के बावजूद उनकी तबियत ठीक नहीं हुई तो उन्होंने डॉ. आरएन द्विवेदी को दिखाया. उन्होंने जब अल्ट्रासाउन्ड कराया तो सीबीडी नली कटी होने की रिपोर्ट आई. उनकी हालत और बिगड़ने लगी. इस पर उन्होंने फिर डॉ. मनीष वर्मा से संपर्क किया तो उन्होंने हैलट में भर्ती होने की सलाह दी. हैलट में भी जब उनकी तबियत ठीक नहीं हुई तो उन्होंने एसजीपीजीआई लखनऊ में इलाज कराया. काफी इलाज के बाद उनकी जान बची. इस लापरवाही पर फोरम में दखिल वाद में 9 लाख रुपए चिकित्सा खर्च व हर्जाना दिलवाने के लिए कहा गया.

डॉक्टर ने सभी तथ्यों का खंडन किया

फोरम ने दायर वाद पर विपक्षी डॉ. मनीष वर्मा से जवाब मांगा तो उन्होंने सभी तथ्यों का खण्डन किया. ऑपरेशन में सीबीडी नली कट जाने की संभावना बनी रहती है. यह एक सामान्य समस्या है. दोनो पक्षों को सुनने के बाद फोरम अध्यक्ष डॉ. आर एन सिंह, वरिष्ठ सदस्य सुनीताबाला अवस्थी व सदस्य पुरुषोत्तम सिंह ने परिवादी सोबरन सिंह के पक्ष में फैसला दिया. फोरम ने 30 दिन के अंदर बृज मेडिकल सेन्टर के प्रबंधक डॉ. मनीष वर्मा को 4 लाख रुपए इलाज खर्च, एक लाख रुपए शारीरिक व मानसिक क्षतिपूर्ति व 5 हजार रुपए मुकदमा खर्च देने का आदेश दिया.