नई दिल्ली (एएनआई)जम्मू कश्मीर में सीआरपीएफ आतंकवाद पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए लगाई गई है पर हाल ही में सीआरपीएफ ने जम्मू कश्मीर के राजौरी में रहने वाले एक बीमार बुजुर्ग मरीज को एयरलिफ्ट करके बड़े हॉस्पिटल में पहुंचाया। सीआरपीएफ ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि वह उस मरीज के बेटे की हेल्प करना चाहती थी, जोकि अपने बीमार पिता से मिलने के लिए मुंबई से कश्मीर के 2100 किलोमीटर लंबे सफर पर साइकिल पर ही निकल पड़ा था। लॉकडाउन के कारण उसे ना कोई बस मिली ना कोई ट्रेन। मीडिया द्वारा आरिफ नाम के युवक की कहानी पता चलने के बाद ही सीआरपीएफ ने फैसला किया युवक की हेल्प करेंगे. इसके बाद सीआरपीएफ मददगार की टीम ने आरिफ के साथ संपर्क बनाया और उसकी मदद करने की बड़ी पहल की।

आरिफ के पिता को पड़ा था दिल का दौरा

सीआरपीएफ द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में एलओसी पर स्थित पंजग्रेन गाँव का निवासी आरिफ चौकीदार के रूप में मुंबई में काम कर रहा था। 1 अप्रैल को उन्हें पता चला कि उनके पिता को दौरा पड़ा है और वह गंभीर हालत में हैं। आरिफ जल्‍द से जल्‍द अपने पिता के पास पहुंचना चाहते थे, लेकिन पूरे देश में लॉकडाउन के दौरान यातायात के साधन नहीं थे। ऐसे में परेशान आरिफ 2 अप्रैल को साइकिल पर मुंबई से राजौरी के लिए रवाना हुआ। अपने पिता से मिलने के लिए 2100 किमी के सफर पर साइकिल से निकले इस युवक की कहानी जब मीडिया द्वारा सीआरपीएफ को मिली, उसने आरिफ की मदद करने की पहल की। फिर CRPF Madadgaar की टीम ने आरिफ से संपर्क साधा और शुरु हुई मदद की कहानी।

सीआरपीएफ की टीम ने आरिफ के पिता को गांव के घर से अस्‍पताल पहुंचाया

जानकारी के मुताबिक जम्मू कश्मीर स्थित 72 वीं बटालियन सीआरपीएफ ने मुख्यालय से 15 मिलोमीटर दूर राजौरी में स्थित आरिफ के गांव एक टीम भेजी। इसके बाद आरिफ के बुजुर्ग पिता की जांच और इलाज सीआरपीएफ के पैनल डॉक्टर द्वारा शुरू किया गया जोकि मददगार टेलीमेडिसिन स्कीम के अंतर्गत आता है। शुरुआती जांच पड़ताल के बाद रविवार को जब डॉक्टर्स ने यह मान लिया कि मरीज को तुरंत ही हॉस्पिटल में भर्ती कराने की जरूरत है। उसका सिटी स्कैन, एमआरआई के अलावा रेगुलर लेवल पर तमाम चेकअप्‍स की जरूरत पड़ेगी तो फिर सीआरपीएफ की टीम ने आरिफ के पिता वजीर हुसैन को राजौरी के जिला अस्पताल में भर्ती कराया जहां उनका बेहतर इलाज शुरु हुआ। इसके सीआरपीएफ भारत रवि बटालियन के डॉक्टर राजौरी के जिला अस्पताल में वजीर हुसैन का इलाज करें डॉक्टर्स के नियमित संपर्क में रहते हैं बता देगी

साइकिल से सफर पर निकले आरिफ को राजौरी पहुंचाने की सीआरपीएफ ने की व्‍यवस्‍था

इसी दौरान सीआरपीएफ मददगार के एक कॉलिंग ऑफिसर जोकि आरिफ के गांव के रहने वाले हैं, आरिफ के लगातार संपर्क बनाया। इसके बाद लोकल पुलिस ऑफिसर और ट्रक वालों की मदद से आरिफ आज सोमवार को बड़ोदरा पहुंच गया है और अहमदाबाद की ओर तरफ बढ़ रहा है। सीआरपीएफ मददगार इस संबंध में लगातार ग्रुप सेंटर सीआरपीएफ गांधीनगर से संपर्क में हैं, ताकि वो जल्‍द से जल्‍द अपने पिता से मिल सके। सीआरपीएफ लगातार इस बीमार पिता और उसके बेटे की मदद कर रही है। तभी तो आरिफ के पिता वजीर हुसैन को बेहतर इलाज के लिए हेलीकॉप्टर द्वारा जम्मू शिफ्ट कर दिया गया।

सोमवार दोपहर सीआरपीएफ ने आरिफ के पिता को PGI Chandigarh पहुंचाने की व्‍यवस्‍था की

सीआरपीएफ मददगार के हाथ लगातार इस पिता और उसके बेटे की मदद कर रहे हैं। सोमवार दोपहर को CRPF Madadgaar ने ट्वीट करके जानकारी दी है, कि अब डॉक्‍टर्स ने आरिफ के पिता को पीजीआई चंड़ीगए़ शिफ्ट करने को कहा, तो अब CRPF उन्‍हें आगे के इलाज के लिए PGIMER, Chandigarhले जा रही है। वाकई इस बेटे और पिता के लिए सीआरपीएफ सबसे बड़ी मददगार साबित हुई है।

Posted By: Chandramohan Mishra

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