नई दिल्ली (पीटीआई)। ओलंपिक में भारत की पदक जीतने की दावेदार महिला पहलवान विनेश फोगाट ने बुधवार को कहा कि टोक्यो ओलंपिक का रन होना उनका सबसे बड़ा डर है। खेलों में प्रतिस्पर्धा की तुलना में इंतजार और कठिन होने वाला है। मंगलवार को कोरोना को देखते हुए जापान और आईओसी ने ओलंपिक को एक साल के लिए टाल दिया है। अब एथलीटों को खेल के इस महाकुंभ में हिस्सा लेने के लिए एक साल और इंतजार करना होगा।

सबसे बुरा डर था और यह सच हो गया

भारतीय महिला स्टार पहलवान विनेश फोगाट ओलंपिक के स्थगन से काफी निराश हैं। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, "यह हर एथलीट का सबसे बुरा डर था और यह सच हो गया है। हर कोई जानता है कि ओलंपिक में प्रतिस्पर्धा करना एक एथलीट के लिए सबसे कठिन परीक्षा होती है, लेकिन मेरा मानना ​​है कि उस मौके पर इंतजार करना मुश्किल होता है।" 25 वर्षीय पहलवान ने आगे लिखा, "मैं वास्तव में नहीं जानती कि अभी क्या कहना है लेकिन मेरे अंदर भावनाओं की उथल-पुथल चल रही है।" बता दें विनेश ओलंपिक में भारत की बड़ी उम्मीद हैं, हालांकि पिछले कुछ समय से वह चोट से जूझ रही थी मगर टोक्यो ओलंपिक के लिए उनकी पूरी तैयारी थी।

वायरस से बचाव भी है जरूरी

अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ने कोविड-19 के आगे प्रसार को रोकने के लिए इस बार ओलंपिक रद करने का फैसला लिया है। इस कदम का कई खिलाडिय़ों और महासंघ के पदाधिकारियों ने समान रूप से इसका स्वागत किया। विनेश ने कहा, "अब हम सभी के लिए पहले से अधिक मजबूत होने का समय है, इन असाधारण परिस्थितियों से लड़ते रहें और अपने सभी विश्वासों के साथ विश्वास रखें कि हम इस चुनौती को पार करेंगे। हम इस में एक साथ हैं, एक दुनिया, एक लक्ष्य। यह आपके परिवार, आपके समुदाय, आपके देश और हमारी दुनिया के लिए कुछ करने का अनूठा मौका है।"

Posted By: Abhishek Kumar Tiwari