नई दिल्ली (पीटीआई/आईएएनएस)। चेन्नई सुपर किंग्स के सीईओ काशी विश्वनाथन ने साफ कह दिया कि भारत सरकार के वीजा प्रतिबंध के बाद फॉरेन प्लेयर्स 15 अप्रैल तक आईपीएल में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। यह तभी संभव होगा जब बीसीसीआई सरकार से इसके लिए अलग से इजाजत ले। आईएएनएस से बातचीत में विश्वनाथन ने कहा, आईपीएल खेलने भारत आने के लिए कई विदेशी खिलाडिय़ों ने बिजनेस वीजा बुक करा दिया है मगर भारत सरकार के वीजा को लेकर आए नए नियम के तहत उनका भारत आ पाना अब मुश्किल है।'

15 अप्रैल तक विदेशी मेहमानों को वीजा नहीं

29 मार्च से शुरु हो रहे आईपीएल 2020 में फॉरेन प्लेयर्स के हिस्सा लेने पर संदेह बना हुआ है। भारत सरकार ने हाल ही में कोरोना वायरस के डर से विदेशी यात्रियों को वीजा देने से फिलहाल मना कर दिया है। ऐसे में बीसीसीआई के पास इंतजार करने के अलावा कोई दूसरा ऑप्शन नहीं है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड अगले कुछ दिनों में इस पर फैसला लेगा मगर सरकार का रुख साफ है कि वह 15 अप्रैल तक विदेशी मेहमानों को वीजा नहीं देगा, हालांकि राजनयिक और रोजगार जैसी कुछ श्रेणियों को छोड़कर बाकी सभी पर फिलहाल बैन लगा हुआ है।

भारत में कोरोना का डर

बुधवार को बोर्ड से जुड़े एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया, 'कृपया हमें दो दिन का वक्त दें, अभी हम आपको इससे जुड़ी पूरी डिटेल नहीं दे सकते।' यानी कि साफ है कि इस बार आईपीएल पर कोरोना का खतरा मंडरा रहा है। भारत में अब तक कोरोना के 60 पॉजिटीव मामले सामने आ चुके हैं जबकि पूरी दुनिया में इससे 4000 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। मार्च के अंत में शुरु हो रहे आईपीएल पर विदेशी खिलाडिय़ों के आने को लेकर सस्पेंस तो है, साथ ही मैचों के टिकट को लेकर भी फैसला लेना बाकी है। खबर है कि इस बार सभी आईपीएल मैच खाली स्टेडियम में खेले जाएंगे हालांकि अंतिम फैसला 14 मार्च को होने वाली आईपीएल गर्वनिंग काउंसिल मीटिंग में लिया जाएगा।

खाली स्टेडियम में कराए जाएंगे मैच

इस बार आईपीएल में कुल 60 फॉरेन प्लेयर्स हिस्सा ले रहे हैं। बोर्ड ने कहा कि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि इन खिलाडिय़ों के वीजा भी रद्द किए गए हैं या नहीं। सरकार की ओर से बयान में कहा गया है, "राजनयिक, आधिकारिक, संयुक्त राष्ट्र / अंतर्राष्ट्रीय संगठनों, रोजगार और परियोजना वीजा को छोड़कर सभी मौजूदा वीजा 15 अप्रैल, 2020 तक निलंबित हैं। यह 13 मार्च, 2020 को रात 12 बजे से लागू होगा।" यही नहीं महाराष्ट्र सरकार राज्य में आईपीएल खेलों को रोक सकती है, एकमात्र संभव समाधान खाली स्टेडियमों के अंदर मैच हो रहा है। ऐसा इसलिए हो सकता है ताकि प्रसारकों को एडवरटाइजिंग से होने वाली रकम को बचाया जा सका। हालांकि बोर्ड और फ्रेंचाइजी दोनों ही अपने निवेश का बड़ा हिस्सा वसूल लेंगे क्योंकि मैचों का बीमा पहले ही कराया जा चुका है।

Cricket News inextlive from Cricket News Desk