न्यूयॉर्क (रॉयटर्स)साल 2020 का आखिरी 'सुपरमून' आसमान में गुरुवार की रात को दिखा। यह कोरोना वायरस महामारी के चलते दुनिया भर में लगाए गए लॉकडाउन के बीच उभरा। बता दें कि आसमान में सुपरमून तब दिखता है, जब चांद और पृथ्वी के बीच का फासला बहुत कम हो जाता है। दरअसल, पृथ्वी और चंद्रमा के बीच लगभग 384,400 किलोमीटर की दूरी होती है लेकिन सुपरमून के दौरान यह दूरी लगभग 23 हजार किलोमीटर कम हो जाती है। इसके बाद चांद और पृथ्वी के बीच दूरी करीब 361,184 किलोमीटर रह जाती है।

मार्च और अप्रैल में दिखा था सुपरमून

मई की फुल मून को 'फुल फ्लावर मून' भी कहा जाता है। इसलिए गुरुवार के सुपरमून को 'फुल-फ्लावर सुपरमून' भी नाम दिया गया है। बता दें कि साल के पिछले दो सुपरमून मार्च और अप्रैल में दिखे थे। यूरोप और एशिया के अधिकांश हिस्सों में बादलों के बीच सुपरमून के दृश्य देखे गए। यह सामान्य से थोड़ा बड़ा दिखाई दिया लेकिन कोरोना वायरस महामारी की वजह से लगाए गए लॉकडाउन के चलते सड़कें शांत बनी रहीं। वहीं, हांगकांग और यरूशलम से लेकर काराकास तक कुछ स्थानीय लोगों ने मास्क पहनकर आसमान में सुपरमून का नजारा देखा।

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