पद के दुरुपयोग से 20.45 लाख रुपये का लाभ दिलाने पर विजिलेंस ने दर्ज कराया मुकदमा

आगरा-लखनऊ एक्सपे्रस वे प्रस्ताव के दौरान जमीन खरीदवाई दिलवाया लाभ

आगरा. जिले के जिलाधिकारी रहे जुहेर बिन सगीर भ्रष्टाचार के मामले में फंस गए हैं. उन पर लखनऊ एक्सप्रेस वे लिए जमीन अधिग्रहण से पहले अपने संबंधी को जमीन की खरीदवाने का आरोप है. बाद में इसी जमीन के अधिग्रहण पर रिश्तेदार को लाखों का मुनाफा हुआ. जांच रिपोर्ट में पुष्टि होने के बाद विजिलेंस ने मामले में फतेहाबाद थाने में मुकदमा कराया.

अधिवक्ता ने की थी शिकायत

मामले में मुरादाबाद निवासी अधिवक्ता दुष्यंतराज ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत की थी. जुहेर बिन सगीर आगरा में 10 फरवरी 2013 से 5 फरवरी 2014 तक तैनात रहे. विजिलेंस बरेली सेक्टर के इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार शर्मा ने जांच में पाया कि डीएम होने के नाते जुहेर को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे के लिए जमीन अधिग्रहण के प्रस्ताव और सर्वे की जानकारी थी. इसलिए उन्होंने अपनी मौसेरी बहन खालिदा रहमान को लाभ देने के लिए अपने पद का दुरुपयोग किया.

कम कीमत में खरीदी जमीन

दुरुपयोग करते हुए फतेहाबाद के गांव तिबाहा में 0.6915 हेक्टेयर और गांव स्वारा में 0.3460 हेक्टेयर भूमि की 8.20 लाख रुपये में खरीद कराई थी. इस भूमि को एक्सप्रेस हाईवे अथॉरिटी ने अधिग्रहीत तो जुलाई 2014 में खालिदा रहमान को 28.65 लाख रुपये मिले. इस तरह खालिदा रहमान को 20.45 लाख रुपये का लाभ हुआ.

मुरादाबाद में भी दिलाया लाभ

बरदा सगीर और खालिदा रहमान को जुहेर बिन सगीर ने अपने डीएम मुरादाबाद के कार्यकाल में भी वहां के गांव सैदपुर खद्दर में जमीन खरीदवाई थी. इसमें उनके आदेश से ही बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी संतोष कुमार ने बैनामों पर गवाही बनाई थी. इससे यह स्पष्ट है कि जुहेर बिन सगीर खालिदा रहमान व अन्य रिश्तेदारों को लाभ पहुंचाने की नीयत से अपने नियुक्ति के जिलों में जमीन खरीदवाते रहे हैं.