थापा व मुकेश से किया कांटैक्ट

डकैती कांड को अंजाम देने के बाद निक्की शर्मा ने जेल में बंद संदीप थापा और मुकेश यादव से कांटैक्ट किया था. संदीप थापा ने उसे डाल्टनगंज के सुजीत सिन्हा का नंबर प्रोवाइड कराया था. उससे बातचीत के दौरान निक्की शर्मा ने पांच सिक्सर, पांच देसी कट्टा, दो रिवॉल्वर और गोली की डिमांड की. इसके बदले सुजीत सिन्हा ने पांच लाख रुपए मांगे थे. हथियार का पैसा लेने के लिए सुजीत सिन्हा का आदमी आईटीआई बस स्टैंड पर आया था. उसे निक्की शर्मा ने तीन लाख रुपए का भुगतान किया था. ये खुलासा निक्की शर्मा ने पुलिस को दी अपने कंफेशनल रिपोर्ट में किया है.

दिल्ली, आसनसोल में छिपता था
निक्की शर्मा ने पुलिस को बताया है कि उसका छिपने का स्थान दिल्ली और आसनसोल है. चुटिया डकैती कांड की घटना को अंजाम देने के बाद वह ट्रेन पकड़ कर पटना चला गया और फिर वहां से दिल्ली. उसने दिल्ली में एक दिन रहने के बाद आसनसोल को अपना ठिकाना बनाया. इस बीच वह अपने गिरोह के लोगों के साथ कॉन्टैक्ट में रहने लगा था. कंफेशन रिपोर्ट में निक्की शर्मा ने यह भी स्वीकारा है कि फरारी के क्रम में आसनसोल के एक लड़के से उसने दो हजार रुपए में रिम का मोबाइल सिम समेत खरीदा था. उसी मोबाइल फोन से वह अपने गिरोह के लोगों के साथ संपर्क में था.

खेत में किया बंटवारा
डकैती की घटना को अंजाम देने के बाद निक्की शर्मा, चंदन उर्फ पलामू, राजकुमार और पवन शर्मा डिबडीह पुल के पास पहुंचे. सुबह में ऑटो पकड़कर सभी अपने घर चले गए, जहां सभी नोटों की गिनती की. नोटों की गिनती करने के बाद वे लोग रातू तालाब गए और स्नान वगैरह किया. स्नान वगैरह करने के बाद कटहल मोड़ की तरफ खेत में पैसे का बंटवारा किया. लूटे गए पैसों में क्रमश: चंदन उर्फ पलामू को दो लाख, राजकुमार साव को दो लाख, पवन शर्मा को एक लाख तीस हजार रुपए (तीस हजार रुपए खाने-पीने के लिए रख लिया) दिए गए. इसके बाद गुड्डू शर्मा ने पंडरा के आशीष ज्वेलर्स के ओनर और अमित सोनार को बुलाया. इसके बाद ज्वेलर्स को बेड़ो ले जाया गया, जहां लूटे गए जेवरात उसे दे दिए गए. सोनार ने जेवरात की कीमत 11 लाख 70 हजार में से छह लाख रुपए नगद दिए और शेष रकम बाद में देने की बात कही.

जुलाई में डालना था डाका
अरविंदर सिंह खुराना उर्फ बॉबी के घर में जुलाई महीने में ही डाका डाला जानेवाला था. लेकिन रांची आने के बाद सुखदेवनगर थाना पुलिस ने उसे मारपीट के एक केस में फिर जेल भेज दिया. वह दो अगस्त, 2013 को जेल से जमानत पर छूटा. इसके पहले गुड्डू और चंदन उर्फ पलामू ने अरविंदर सिंह खुराना उर्फ बॉबी का घर देख लिया था. तीन अगस्त को निक्की शर्मा ने अरविंदर सिंह खुराना उर्फ बॉबी के घर की सुबह से लेकर चार बजे तक रेकी की. रेकी करने के बाद सबने पुलटोली  के उस पार स्थित चाऊमिन दुकान में चाऊमिन खाया. फिर विशाल सिन्हा को बुलाकर आश्वस्त हुआ कि एक करोड़ रुपए मिलेंगे कि नहीं? आश्वस्त होने के बाद रात नौ बजे के करीब शराब वगैरह पीने के बाद राजकुमार साव को पिस्तौल, भुजाली और एक रॉड लाने के लिए कहा. फिर पूरी प्लानिंग से डाका डाला.

हजारीबाग के होटल में हुई थी डकैती की फस्र्ट प्लानिंग
18 जुलाई, 2013 को निक्की शर्मा, गुड्डू कुमार महासेठ, चंदन उर्फ पलामू, पवन शर्मा, राजकुमार साहू, पवन शर्मा के ऑटो से चुटिया आए. ऑटो को रेलवे लाइन के बगल में लगाकर पैदल एक मंदिर के पास पहुंचे. वहीं पर शराब का दौर चला. उसके बाद रात एक बजे के करीब सुरेश दूबे के घर की बाउंड्री को क्रास कर घर में घुसे. घर में बुजुर्ग दंपति थे. अलमीरा और बक्सा तोड़कर उसमें रखे सोने के जेवरात वगैरह निकाल लिए. दूसरे कमरे में जाने के बाद बुजुर्ग दंपति द्वारा पहने गए जेवरात उतरवा लिए गए थे. फिर समूचे घर की तलाशी ली थी, लेकिन कुछ नहीं मिला था. सभी सुबह 4.30 बजे दरवाजा खोलवा कर ऑटो में बैठ कर खेलगांव होते हुए कांके की ओर चले गए. उस घर से नकद 25 हजार रुपए मिले थे. जिसमें 20 हजार रुपए निक्की शर्मा ने रखे और शेष रकम बांट दी गई. 19 जुलाई को दो साथी गुड्डू और राजकुमार साव के साथ पटना गए. जहां राजकुमार ने एक सोनार को फोन कर अपने दादी के घर आलमगंज में बुलाया. सोनार को जेवरात दिया गया, बदले में 92 हजार रुपए मिले. इसके बाद सभी हजारीबाग चले आए. हजारीबाग में गाड़ी बदल कर रांची रोड आए. जहां चंदन उर्फ पलामू इंडिका कार लेकर आया. इंडिका कार पर सवार होकर पुन: हजारीबाग एयरपोर्ट स्थित होटल में गए, जहां बैठकर खाना-पीना खाया. उसी दिन अरविंदर सिंह खुराना उर्फ बॉबी के घर में डकैती की प्लानिंग की.