Crisis continues

जापान में आई सुनामी को कई दिन बीत चुके हैं. जापानवासी एक नई हिम्मत के साथ फिर से उठ खड़े हुए हैं, लेकिन क्राइसिस अब भी बरकरार हैं. बढ़ता हुआ रेडिएशन पूरी दुनिया के लिए चिंता का सबब बना हुआ है. पूरे जापान के लोगों में कैंसर की बीमारी का खतरा हो रहा है.

एक और reactor में आग

सुनामी के बाद रेडियोएक्टिव के रेडिएशन के बीच बुधवार सुबह फुकुशिमा न्यूक्लियर प्लांट के रिएक्टर नंबर 4 में भी आग लग गई. इससे रिएक्टर के न्यूक्लियर फ्यूल रॉड के पिघलने का खतरा बढ़ गया है. हालंाकि हेलीकॉप्टर से बोरिक एसिड का छिडक़ाव कर आग पर काबू पाया, रेडिएशन का खतरा अब भी बरकरार है.

जब हवा का रुख बदला

अभी तक जापान में हवा का रुख समुद्र की ओर था, जिसके कारण टोक्यो शहर के अंदर रेडिएशन का खतरा कम बना हुआ था, लेकिन बुधवार को हवा ने भी करवट बदल ली. मंगलवार को न्यूक्लियर रिएक्टर से निकले विकिरण की चपेट में कैपिटल टोक्यो भी आ गया था. हवा का रुख प्रशांत महासागर की बजाय जापान के जमीनी इलाके की ओर हो गया था. फ्रांस ने अपने नागरिकों से अपील की है कि वे जापान छोडक़र कहीं और चले जाएं. स्विट्जरलैंड, जर्मनी और फ्रांस ने जापान न जाने की गाइडलाइन जारी की है.

जापान में कितना radiation

रिएक्टरों से 400 मिलिसीवर्ट प्रति घंटे की स्पीड से रेडिएशन हो रहा है. इनके आसपास के 30 किमी क्षेत्र में रहने वाले 1.40 लाख लोगों को घर में ही रहने की हिदायत दी गई है. उनसे कहा गया है कि वे सरकार द्वारा सप्लाई किए जाने वाला पानी ही पिएं.

रूस में द्वीप खाली कराएंगे

फुकुशिमा से 800 किमी दूर रूसी शहर ब्लादीवोस्तोक तक रेडिएशन फैला. दोनों देशों के मध्य स्थित सखालिन द्वीप से लोगों को हटाने के लिए अलर्ट जारी कर दिया गया.

अमेरिका पहुंच सकता है खतरा

एक्सपट्र्स ने आशंका जताई है कि रेडिएशन अमेरिका के पश्चिमी तट पर पहुंच सकता है. अमेरिकी नेवी के सातवें बेड़े के 17 सोल्जर्स रेडिएशन की चपेट में हैं. इन्होंने जापान के क्षतिग्रस्त रिएक्टरों के ऊपर से उड़ान भरी थी.

क्या होता है  radiation?

रेडियोएक्टिव पदार्थों के विखंडन से अल्फा, बीटा और गामा किरणें निकलती हैं. ये शरीर पर इफेक्ट डालती हैं. ज्यादा रेडिएशन होने पर विकलांगता का खतरा हो जाता है.

नुकसान

1. स्किन कैंसर का कारण बनता है.

2. आंखों में मोतियाबिंद का खतरा.

3. रेडिएशन से थॉयरॉयड ग्रंथि नष्ट हो सकती है.

4. लंग्स और ब्रेस्ट कैंसर का खतरा.

5. आंतों पर बुरा प्रभाव, खून का उल्टी और डायरिया.

6. अंडाशय और अंडाणुओं पर दुष्प्रभाव.

क्या होता है रेडिएशन के फैलने से

न्यूक्लियर रेडिएशन फैलने से हवा में दो तरह की धाराएं बहती हैं. थर्मल एनर्जी नामक पहली हवा सबसे गर्म होती है, जो स्किन, पौधों और पशुओं को जला डालती है. साथ ही लोगों अंधा कर देती है. दूसरी तरह की रेडिएशन धारा में स्वास्थ्य संबंधी कई दिक्कतें हो जाती हैं. पहले कैंसर और फिर मौत तक हो जाती है.

कैसे बचें

1. बचने का सबसे आसान तरीका है अंडरग्राउंड रूम में चले जाना.

2. रूम न हो तो बड़ा-सा गड्ढा खोदकर उसमें छिप जाना.

3. गड्ढा भी न खोदा जा सके तो घर में ही दरवाजे-खिड़कियां बंद कर अंदर रहना.

4. जरूरत का सामान पहले से घर में कलेक्ट कर लेना.