नई दिल्ली (पीटीआई)। कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता में नेशनल क्राइसिस मैनेजमेंट कमिटी (एनसीएमसी) ने शुक्रवार को चक्रवात 'बुलबुल' के बचाव और राहत कार्यों के लिए तैयारियों का जायजा लिया, चक्रवात बुलबुल से ओडिशा और पश्चिम बंगाल के प्रभावित होने की आशंका है।

तत्काल सहायता प्रदान करने का दिया निर्देश

एक बैठक के दौरान, कैबिनेट सचिव ने केंद्र सरकार की एजेंसियों को राज्य सरकारों को तत्काल सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि उन्होंने बचाव और राहत कार्यों के लिए मौजूदा स्थिति और तैयारियों का जायजा लिया। गौबा ने ओडिशा और पश्चिम बंगाल सरकारों को हताहतों की संख्या और बुनियादी ढांचे को नुकसान से बचाने के लिए सभी कदम उठाने की सलाह दी, और उन्हें इस संबंध में केंद्र से भी सहायता का आश्वासन दिया।

बंगाल की खाड़ी के ऊपर है चक्रवात 'बुलबुल'

बयान में कहा गया है कि गंभीर चक्रवात 'बुलबुल', वर्तमान में बंगाल की खाड़ी के ऊपर है, यह पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटीय जिलों को प्रभावित कर सकता है। आईएमडी ने बताया कि चक्रवात, जो बंगाल की खाड़ी में विकसित हुआ था, अब तेज हो गया है और इसके रविवार की सुबह तक पश्चिम बंगाल तट को पार करने की संभावना है। 110-120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने व भारी से बहुत भारी वर्षा के साथ, समुद्र में 1.5 मीटर तक की ज्वारीय लहरें उठने की संभावना है।

एसडीआरएफ और अग्निशमन दल को किया गया है तैनात

पश्चिम बंगाल और ओडिशा सरकारों के अधिकारियों ने बताया कि उनके द्वारा आवश्यक तैयारी की गई है और एसडीआरएफ और अग्निशमन दल को तैनात किया गया है। मछली पकड़ने पर रोक लगा दी गई है और निचले इलाकों के लोगों को शरणार्थी शिविरों में ले जाया जा रहा है। जबकि NDRF की 14 टीमें (प्रत्येक टीम में लगभग 45 कर्मी) को तैनात किया गया है, राज्यों के अनुरोध पर अतिरिक्त टीमों को तैनात किया जा रहा है। रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि तटरक्षक बल, भारतीय नौसेना की टीमें पहले से ही तैनात हैं और सेना और वायु सेना स्टैंडबाय पर हैं।

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नुकसान को रोकने के लिए खाली करा लिया जाए निचला इलाका

पश्चिम बंगाल सरकार को विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने के लिए अनुरोध किया गया था कि सागर द्वीप, पूर्वी मेदिनीपुर और उत्तर और दक्षिण 24 परगना जिलों में निचले इलाकों के लोगों को जीवन के किसी भी नुकसान को रोकने के लिए खाली करा लिया जाए। राज्य सरकारों से यह सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया गया था कि समुद्र में मौजूद सभी मछुआरों को वापस किनारे पर लाया जाए। गृह और रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ आईएमडी, एनडीआरएफ और एनडीएमए के लोग बैठक में शामिल हुए। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पश्चिम बंगाल और ओडिशा के अधिकारियों ने भाग लिया।

Posted By: Mukul Kumar

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