जान और जहांन का नुकसान
चक्रवाती तूफान हेलेन ने शुक्रवार दोपहर दो बजे आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में दस्तक दी. राज्य के तटीय जिलों कृष्णा, गुंटूर, विशाखापत्तनम और पूर्वी व पश्चिमी गोदावरी में 100 से 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाओं के साथ भारी बारिश हो रही है. कई जगह पेड़ उखड़ने से यातायात व्यवस्था चरमरा गई है. प्रभावित इलाकों में संचार और विद्युत आपूर्ति ठप है. तूफान की चपेट में आकर सात लोगों के मारे जाने की खबर है. तूफान से धान, नारियल और केले की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है.

राज्य सतर्क

मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी ने एक बैठक कर हालात की समीक्षा की और राज्य के अधिकारियों को जरूरत पड़ने पर सेना, नौसेना और वायुसेना से मदद लेने का निर्देश दिया. विशाखापत्तनम चक्रवात चेतावनी केंद्र के मुताबिक हेलेन कृष्णा जिले के मछलीपत्तनम के समीप तट से टकराया. तूफान को देखते हुए निचले इलाकों से 17 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है.

36 घंटों तक तबाही

कृष्णा जिले के स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है. प्रशासन आवश्यक सेवाओं को बहाल करने में जुटा है. नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स की टीमें भी राहत व बचाव कार्य में जुटी हैं. आपदा प्रबंधन आयुक्त सी पार्थसारथी के मुताबिक तूफान प्रभावित इलाकों के लोगों के लिए 66 राहत शिविर खोले गए हैं. मौसम विभाग ने राज्य के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी दी है. तटीय जिलों में अगले 36 घंटों तक बारिश होने की आशंका जताई गई है.

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