डाॅ. त्रिलोकीनाथ (ज्योतिषाचार्य और वास्तुविद)। Dainik Panchang 16 May 2021 रविवार को पंचमी तिथि 11:36:10 तक तदोपरान्त षष्ठी तिथि है। पंचमी तिथि के स्वामी नाग देवता हैं तथा षष्ठी तिथि के स्वामी भगवान कार्तिकेय जी हैं। रविवार को भगवान सूर्य को प्राप्त तांबे के बर्तन में लाल चंदन, गुड़ और लाल पुष्प डाल कर अर्घ्य देना चाहिए। रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना आवश्यक हो तो घर से पान खाकर या घी खाकर निकलें। दिन का शुभ मुहूर्त, दिशाशूल की स्थिति, राहुकाल एवम् गुलिक काल की वास्तविक स्थिति के बारे में जानकारी आगे दी गई है।

16 मई 2021 दिन- रविवार का पंचांग

सूर्योदयः- प्रातः 05:30:46
सूर्यास्तः- सायं 06:46:00
विशेषः- रविवार को भगवान सूर्य को प्राप्त तांबे के बर्तन में लाल चंदन, गुड़ और लाल पुष्प डाल कर अर्घ्य देना चाहिए ।
विक्रम संवतः- 2078
शक संवतः- 1943
आयनः- उत्तरायण
ऋतुः- ग्रीष्म ऋतु
मासः- वैशाख माह
पक्षः- शुक्ल पक्ष
तिथिः- पंचमी तिथि 11:36:10 तक तदोपरान्त षष्ठी तिथि
तिथि स्वामीः पंचमी तिथि के स्वामी नाग देवता हैं तथा षष्ठी तिथि के स्वामी भगवान कार्तिकेय जी हैं।
नक्षत्रः पुनर्वसु नक्षत्र 01:14:00 तक तदोपरान्त आर्द्रा नक्षत्र
नक्षत्र स्वामीः- पुनर्वसु नक्षत्र के स्वामी बुध देव हैं तथा पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनि जी हैं।
योगः- शूल 02:47:16 तक तदोपरान्त गंड
दिशाशूलः- रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना आवश्यक हो तो घर से पान खाकर या घी खाकर निकलें।
गुलिक कालः- शुभ गुलिक काल 03:41:00 से 05:23:00 तक
राहुकालः- आज का राहु काल 05:23:00 से 07:05:00 तक
तिथि का महत्वः- इस तिथि में बिल्व नही खाना चाहिए यह तिथि समस्त शुभ कार्यों के लिए शुभ है तथा इस तिथि में ऋण किसी भी कीमत पर न दें।
“हे तिथि स्वामी, दिन स्वामी, योग स्वामी, नक्षत्र स्वामी, आप पंचांग का पाठन करने वालों पर अपनी कृपा दृष्टि बनाये रखना।”