डाॅ. त्रिलोकीनाथ (ज्योतिषाचार्य और वास्तुविद)। Dainik Panchang 6 May 2021 गुुरुवार को दशमी तिथि समाप्ति 02:12:09 तक तदोपरान्त एकादशी तिथि है। दशमी तिथि की स्वामी यमराज जी हैं तथा एकादशी तिथि के स्वामी विश्वदेव जी हैं। गुरुवार के दिन भगवान विष्णु जी की पूजा करने से दीर्घ आयु की प्राप्ति होती हैं। गुरुवार को दक्षिण दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए यदि आवश्यक हो तो घर से सरसो के दाने या जीरा खाकर निकलें। इस तिथि में परवल / कलम्बी नही खाना चाहिए व अन्नप्रासन, विवाह आदि कार्यों के लिए शुभ मानी गयी है। दिन का शुभ मुहूर्त, दिशाशूल की स्थिति, राहुकाल एवम् गुलिक काल की वास्तविक स्थिति के बारे में जानकारी आगे दी गई है।

06 मई 2021 दिन- गुरुवार का पंचाग

सूर्योदयः- प्रातः 05:37:22

सूर्यास्तः- सायं 06:58:00

विशेषः- गुरुवार के दिन भगवान विष्णु जी की पूजा करने से दीर्घ आयु की प्राप्ति होती हैं।

विक्रम संवतः- 2078

शक संवतः- 1943

आयनः- उत्तरायण

ऋतुः- ग्रीष्म ऋतु

मासः- वैशाख माह

पक्षः- कृष्ण पक्ष

तिथिः- दशमी तिथि समाप्ति 02:12:09 तक तदोपरान्त एकादशी तिथि

तिथि स्वामीः- दशमी तिथि की स्वामी यमराज जी हैं तथा एकादशी तिथि के स्वामी विश्वदेव जी हैं।

नक्षत्रः- शतभिषा 10:32:57 तक तदोपरान्त पूर्वा भद्रपद नक्षत्र

नक्षत्र स्वामीः- शतभिषा नक्षत्र के स्वामी राहु देव हैं तथा पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र के स्वामी गुरु देव हैं।

योगः- इंद्र 07:20:26 तक तदोपरान्त वैधृति

गुलिक कालः- शुभ गुलिक काल 08:57:00 से 10:37:00 बजे तक

दिशाशूलः- गुरुवार को दक्षिण दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए यदि आवश्यक हो तो घर से सरसो के दाने या जीरा खाकर निकलें।

राहुकालः- आज का राहुकाल 01:58:00 से 03:38:00 बजे तक

तिथि का महत्वः- इस तिथि में परवल / कलम्बी नही खाना चाहिए व अन्नप्रासन, विवाह आदि कार्यों के लिए शुभ मानी गयी है।

“हे तिथि स्वामी, नक्षत्र स्वामी, योग स्वामी, दिन स्वामी आप पंचांग का पाठन करने वालों पर अपनी कृपा दृष्टि बनाये रखें।”