-वाहनों में तोड़फोड़ व पुलिस पार्टी पर हमले में 27 नामजद

हृन्ढ्ढहृढ्ढ (30 छ्वरुङ्घ, छ्वहृहृ): डभाव गांव में मंगलवार को पांच साल की बच्ची से दुराचार के बाद भड़की आक्रोश की चिंगारी अभी ठंडी नहीं हुई है. ग्रामीण अब भी गुस्से में हैं. गांव में तनाव के मद्देनजर एक कंपनी पीएसी तैनात कर दी गई है. रास्ताजाम कर वाहनों में आगजनी करने और पुलिस टीम पर पथराव के मामले में नैनी पुलिस ने अपनी तहरीर में डभाव के 27 ग्रामीणों को नामजद किया है. इनमें से पांच को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि 22 फरार हैं. 150 अज्ञात के खिलाफ भी इन्हीं आरोपों में रिपोर्ट दर्ज की गई है. पुलिस उनकी पहचान में जुटी है. दुराचार के आरोपी को दोपहर में अदालत में पेश करने के बाद वहां से जेल भेज दिया गया. पीडि़त किशोरी को डफरिन अस्पताल में रखा गया है.

बुधवार की सुबह डभाव गांव की बाजार में न तो दुकानें खुली और न ही रोज की तरह चहल-पहल रही. पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा. पुलिस और पीएसी के जवान गांव में गश्त करते नजर आए. तोड़फोड़ और आगजनी के आरोपियों की तलाश में पुलिस ने दबिश देनी शुरू की तो दहशत और बढ़ गई. ज्यादातर घरों से पुरुषों ने पलायन कर दिया है. घर में सिर्फ महिलाएं और बच्चे ही मौजूद हैं. जिस घर की बच्ची के साथ दुराचार हुआ. वहां के हालत तो और भी भयावह हैं. पुरुष सदस्य पुलिस के डर से घर छोड़कर भाग चुके हैं. घर से रह-रहकर महिलाओं के बिलखने की आवाज गूंज उठती है.

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'इज्जत तो गय, जेलव जाइके परी'

दुराचार पीडि़त बच्ची के घर की महिलाओं की आंखों से आंसू नहीं थम रहे. वह किसी भी आहट से कांप उठती हैं. उन्हें हर पल इस बात का डर सता रहा है कि उनके घर के पुरुष सदस्यों को पुलिस कभी गिरफ्तार कर सकती है. वह मीडिया से भी बात करने से कतरा रहीं हैं. डरी-सहमी सी एक महिला ने कहा कि 'बिटिया के इज्जत तो गय, अब हम सभे का जेलव जाइके परी'

ट्रेन डकैती में भी रहा शामिल

मासूम से दुराचार का आरोपी रमेश पटेल अपराधिक प्रवृत्ति का है. वह कई मामलों में वांछित रह चुका है. सन् 1999 में छिवकी गांव के समीप हुई ट्रेन डकैती में भी रमेश का नाम आया था. उसे रेलवे पुलिस ने डकैती के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज था. जमानत पर जेल से छूटने के बाद भी उसकी आदतें नहीं बदली। ग्रामीणों की माने तो आए दिन गांव में किसी न किसी से मारपीट करता था. उसकी दबंगई से लोग परेशान थे.

यह हुए नामजद

राजकुमार, बबलू, भास्कर, प्रभाकर, राकेश, छुटके, शेरू, चांद पटेल, लालचंद, रज्जन, सचिन, संदीप बिंद, संदीप पटेल, सेठी, कल्लू, इंद्रजीत, दिवाकर, नचके, बड़के, रामायण, कैलाश, पप्पू, इस्लाम मोहम्मद, सुनील कुमार पटेल, मूलचंद, शिव कैलाश, आदिल कुमार.

यह हुए गिरफ्तार

इस्लाम मोहम्मद, सुनील कुमार पटेल, मूलचंद, शिव कैलाश, आदिल कुमार।

इन धाराओं में दर्ज हुई रिपोर्ट

आइपीसी की धारा 147, 148, 149, 307, 323, 336, 504, 506 व सात सीएलए एक्ट