लगातार पेपर आउट होने से परेशान डीडीयू एडमिनिस्ट्रेशन ने 2 से 5 अप्रैल तक के सभी एग्जाम पोस्टपोंड कर दिए हैं. सैटर्डे को हुई एग्जामिनेशन कमेटी की मीटिंग में यह डिसिजन लिया गया. इसके अलावा कमेटी ने सोश्योलॉजी और बीकॉम के आउट हुए पेपर को भी निरस्त कर दिया है. इन सभी एग्जाम्स की नई डेट बाद में डिक्लेयर होगी. पेपर आउट के मामले में यूनिवर्सिटी और डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन ने अपनी जांच शुरू कर दी है. एसओजी भी जांच के काम में लग गई है.

डीडीयू दूर करेगा अपनी कमियां

सोश्योलॉजी और बीकॉम का पेपर आउट होने की जांच के लिए गठित कमेटी ने सैटर्डे को अपनी रिपोर्ट एग्जामिनेशन कमेटी में दी. इसके बेस पर इन दोनों पेपर्स को कैंसिल किया गया. मीडिया से बात करते में एग्जामिनेशन कंट्रोलर प्रो. एनएन त्रिपाठी ने इस बात को स्वीकार किया कि यूनिवर्सिटी लेवल पर भी एग्जाम्स को लेकर कुछ कमियां थीं. इसी को ध्यान में रखते हुए 2 से 5 अप्रैल तक के सभी एग्जाम पोस्टपोंड किए गए हैं. इस दौरान यूनिवर्सिटी अपने एग्जामिनेशन सिस्टम की कमियों को दूर करेगी, जिससे आगे पेपर आउट जैसे मामले न हो पाएं. इसके बाद के एग्जाम प्री डिसाइडेड शेड्यूल पर ही होंगे. उन्होंने बताया कि आउट हुए पेपर और 2 से 5 अप्रैल तक के पेपर की नई डेट्स बाद में डिक्लयेर की जाएंगी.

पेपर पहुंचाने की पुरानी व्यवस्था लागू

यूनिवर्सिटी ने इस साल से कॉलेजों को पेपर पहुंचाने के लिए नया सिस्टम रखा था. इसमें पेपर प्रिंट करने वाले प्रेस को किस कॉलेज में कितने स्टूडेंट्स हैं इसका स्टेटिस्टिक्स दिया था. उसी के अकॉर्डिंग प्रेस वाले पैकिंग करके पेपर भेज रहे थे. प्रो. त्रिपाठी ने कहा कि इस व्यवस्था को हटाकर फिर से पुरानी व्यवस्था लागू की जाएगी. इसमें सभी कॉलेजों को 50 या 100 क्वेशचन पेपर का पैकेट भेजा जाएगा. ऐसे में किसी कॉलेज को यह कहने का मौका नहीं मिलेगा कि उनके यहां पेपर कम पहुंचे. उन्होंने यह भी कहा कि 3-4 कॉलेजों ने यह गलत इन्फॉर्मेशन दी थी कि उनके यहां पेपर कम पहुंचे हैं. ऐसे कॉलेजों को आइडेंटिफाई कर लिया गया है. उनको यह हिदायत दी जाएगी कि वह ऐसी गलत इन्फॉर्मेशन न दें वरना उन पर कार्रवाई की जाएगी.

वापस मंगाए जाएंगे क्वेशचन पेपर

एग्जामिनेशन कंट्रोलर ने बताया कि पेपर आउट के मामले में जांच कमेटियों की जो रिपोर्ट आई है उसे अटैच करके अनजान लोगों के खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी. उन्होंने कहा कि 2 अप्रैल को होने वाले एग्जाम के क्वेशचन पेपर आलरेडी कालेजों को भेजे जा चुके हैं. यह सभी क्वेशचन पेपर कॉलेजों से वापस मंगाए जाएंगे.

प्रशासनिक स्तर पर जांच शुरू

कमिश्नर के रविंद्रनायक ने बताया इस मामले में डीडीयू एडमिनिस्ट्रेशन की हेल्प से कुछ लोगों की एक लिस्ट बनाई गई है. इसमें शॉर्टलिस्टिंग करके उनकी जांच की जा रही है. उन्होंने बताया कि जो भी इस मामले में दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई होगी और उसकी प्रॉपर्टी जब्त की जाएगी.