- गोरखपुर यूनिवर्सिटी में ऑनलाइन पढ़ाई में आ रही दिक्कत

- एलएलबी स्टूडेंट्स को मिल रहा हाईफाई इंग्लिश कंटेंट

- स्टूडेंट्स की गुहार, हिन्दी में डालें पीडीएफ और ऑडियो

GORAKHPUR: लॉकडाउन में दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर यूनिवर्सिटी ने भी हाइटेक अंदाज में ऑनलाइन क्लास शुरू कर दी है। ऑनलाइन क्लास शुरू होने से जो स्टूडेंट्स खाली थे, अब पढ़ाई में बिजी हो गए हैं। जबकि गोरखपुर यूनिवर्सिटी के एलएलबी स्टूडेंट्स को ऑनलाइन पढ़ाई समझ में नहीं आ रही है। स्टूडेंट्स की कंप्लेन है कि डीडीयू की वेबसाइट पर एलएलबी के लिए हाईफाई इंग्लिश में ई-कंटेंट तैयार कर डाला जा रहा है जो स्टूडेंट्स के सिर के ऊपर से निकल जा रहा है।

मन में रह जा रहे ढेरों सवाल

गोरखपुर यूनिवर्सिटी में एलएलबी की अब तक जो पढ़ाई चलती रही वो हिंदी और इंग्लिश का मिक्सअप रहती थी। क्लास के दौरान स्टूडेंट्स को अगर कोई भी चीज समझ में नहीं आती थी तो वो उसे तुरंत पूछ लेते थे। लेकिन ऑनलाइन क्लास में कुछ पूछ पाना पॉसिबल नहीं है। एलएलबी स्टूडेंट अनिकेत ने बताया कि ऑनलाइन क्लास में हाईफाई इंग्लिश में पीडीएफ बनाकर डाला जा रहा है। पीडीएफ को डाउनलोड करने पर सारे सेंटेंस इंग्लिश में होने की वजह से कई जगहों पर दिक्कत आती है। इसी तरह प्रोफेसर के ऑडियो भी आते हैं जिन्हें सुनने के बाद मन में ढेरों सवाल आते हैं लेकिन उसे मन में ही रखना पड़ता है।

हो गई आर्टिकल 17 की पढ़ाई

एलएलबी सेकेंड सेमेस्टर के स्टूडेंट अंकित का कहना है कि प्रोफेसर क्लास में पढ़ाते थे तो अच्छे से समझाते थे। एलएलबी की पढ़ाई में ढेरों धाराओं का जिक्र होता है जिसे समझे बिना उसका यूज कहां होगा ये बता पाना मुश्किल होता है। ऐसे में प्रोफेसर के पांचों सब्जेक्ट के जो कंटेंट डीडीयू की वेबसाइट पर डाले जा रहें हैं, उसको बनाते समय ये जरा भी ध्यान नहीं दिया जा रहा कि स्टूडेंट उसे आसानी से कैसे समझे। अब आर्टिकल 17 की पढ़ाई हुई। इसके कंटेंट प्रोफेसर ने तैयार कर डाल दिए लेकिन समझ में जरा भी नहीं आया। इसलिए जब तक क्लास में बैठकर स्टूडेंट्स की क्वेरी को शांत नहीं किया जाएगा तब तक उलझन बनी रहेगी।

रूरल एरिया वाले क्लास से दूर

वहीं सूत्रों की मानें तो ऑनलाइन क्लास का फायदा उन्हीं स्टूडेंट्स को मिल पा रहा है जो शहरी एरिया के हैं। वहीं जो रूरल एरिया के स्टूडेंट हैं वो अभी तक डीडीयू की वेबसाइट तक ही नहीं पहुंच पाए हैं। इसका मेन रीजन मोबाइल नेटवर्क भी है। वहीं कई स्टूडेंट्स का कहना है कि पीडीएफ की फाइल इतनी हैवी होती है कि उसे डाउनलोड करने में ही घंटों लग जाते हैं। वहीं वीडियो तो लोड ही नहीं हो पाते हैं। ऐसे में जब तक क्लास में पढ़ाई नहीं होगी, कुछ भी समझ पाना आसान नहीं होगा।

कोट्स

लॉकडाउन की वजह से यूनिवर्सिटी में ऑनलाइन पढ़ाई शुरू हो गई है। जिसका फायदा शहरी स्टूडेंट ही उठा पा रहे हैं। क्लास में हिंदी-इंग्लिश दोनों लैंग्वेज का मिक्सअप करके पढ़ाई होती थी। लेकिन ऑनलाइन जो पीडीएफ भेजे जा रहे हैं वो हाईफाई इंग्लिश में रह रहे है जो समझ में नहीं आ रहे।

अनिकेत रमन, स्टूडेंट एलएलबी

ऑनलाइन पढ़ाई शुरू करना अच्छी पहल है। आने वाले समय में ऑनलाइन ही अधिकतर काम होंगे। लेकिन प्रोफेसर्स को ई-कंटेंट बनाते समय इस बात का भी ध्यान देना होगा कि वो ऐसा कंटेंट तैयार करें जो स्टूडेंट्स को आसानी से समझ में आ जाए।

अंकित कुमार भारती, स्टूडेंट एलएलबी

गोरखपुर यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले अधिकतर स्टूडेंट्स रूरल एरिया और मध्यम वर्गीय परिवार से हैं। इसलिए ई-कंटेंट बनाते समय हिंदी का भी यूज करना चाहिए ताकि आसानी से समझ में आए।

शिवम मिश्रा, स्टूडेंट एलएलबी

ऑनलाइन पढ़ाई में जो बताया गया है वो समझ में तो आया नहीं है। ऐसे में अगर स्टूडेंट को कोई भी चैप्टर बिना समझाए एग्जाम की डेट आ जाएगी तो लिखना मुश्किल हो जाएगा। इसलिए जो भी पढ़ाई अभी तक हुई है उसमें स्टूडेंट्स की जो भी क्वेरी है उसे भी सॉल्व करना होगा।

विकास वर्मा, स्टूडेंट एलएलबी

वर्जन

हर सब्जेक्ट के टीचर द्वारा स्टूडेंट्स के लिए अच्छा कंटेंट तैयार कर डीडीयू की वेबसाइट पर डाला जा रहा है। स्टूडेंट्स की क्वेरीज भी आ रही हैं। मैंने स्टूडेंट्स से कहा है कि उनकी जो भी क्वेरी है उसे नोट कर लें, उसको अच्छे से समझाया जाएगा।

प्रो। चन्द्रशेखर, एचओडी एलएलबी, डीडीयूजीयू

Posted By: Inextlive

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