- चीफ प्रॉक्टर के बदलने के बाद ठंडे बस्ते में चला गया स्टूडेंट्स का आईकार्ड

- नवागत चीफ प्रॉक्टर के आने के बाद आईकार्ड बनने में आई तेजी

GORAKHPUR: सर आईकार्ड कब से मिलेगा.. बुक्स इश्यू कराना था. गोरखपुर यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स चीफ प्रॉक्टर से यह सवाल डेली कर रहे हैं. वहीं नए चीफ प्रॉक्टर स्टूडेंट्स को जल्द से जल्द आईकार्ड इश्यू किए जाने का आश्वासन दे रहे हैं. लेकिन यूनिवर्सिटी के उदासीन रवैये के कारण डेढ़ महीने बाद भी स्टूडेंट्स को आईकार्ड नहीं मिला है.

बुक्स व एमएसटी बनवाने में दिक्कत

डीडीयूजीयू में रेगुलर क्लासेज स्टार्ट हुए करीब डेढ़ महीने से ऊपर हो चुके हैं. स्टूडेंट्स अपनी पढ़ाई को लेकर गंभीर है. दूर-दराज के स्टूडेंट को आईकार्ड के कारण ट्रेन और बसों में मिलने वाली छूट से भी वंचित होना पड़ता है. यूनिवर्सिटी प्रशासन स्टूडेंट्स की समस्या सुनने के बजाय उदासीन रवैये से बाज नहीं आ रहा है.

बदले चीफ प्रॉक्टर तो रूका काम

तत्कालीन चीफ प्रॉक्टर प्रो. गोपाल प्रसाद के कार्यकाल में आईकार्ड बन जाना चाहिए था. लेकिन प्रो. गोपाल प्रसाद और आईकार्ड बनाने वाली फर्म की उदासीनता के कारण अभी तक आईकार्ड जारी नहीं किया गया है. नवागत चीफ प्रॉक्टर प्रो. प्रदीप कुमार यादव का दावा है कि किसी भी दशा में स्टूडेंट्स को आईकार्ड 20 सिंतबर तक जारी कर दिया जाएगा.

12 हजार स्टूडेंट्स के पास नहीं है आईकार्ड

यूनिवर्सिटी में करीब 12 हजार स्टूडेंट्स पढ़ाई कर रहे हैं. जिनके पास फीस रसीद के अलावा अन्य कोई प्रमाण नहीं है. जबकि यूनिवर्सिटी ने फीस के साथ सारे शुल्क जमा करा लिए हैं.

वर्जन..

आईकार्ड स्टूडेंट्स को नहीं मिला है. जल्द से जल्द आईकार्ड मिल जाए, इसके लिए लगातार फर्म के संपर्क में हूं. मेरी कोशिश है कि 20 सितंबर से पहले आईकार्ड देने का सिलसिला शुरू कर दिया जाए.

प्रो. प्रदीप कुमार यादव, चीफ प्रॉक्टर, डीडीयूजीयू