50 परसेंट की रिबेट
नए साल के तोहफे के रूप में डिफाल्टर्स के लिए ओटीएस स्कीम लांच की गई थी. जिसमें ओटीएस में रजिस्ट्रेशन कराने वालों को सरचार्ज पर 50 परसेंट की दी जानी चाहिए थी. इस स्कीम में डोमेस्टिक, कामार्शियल व 75 किलोवॉट लोड तक कन्ज्यूमर्स को शामिल किया गया. ऐसी कैटागिरी के डिफाल्टर्स की संख्या 156393 है. लेकिन 17 जनवरी तक केस्को के सभी 18 डिवीजन में मिलाकर भी 908 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है. अभी तक इनमें से 398 लोगों के बिल ही एडवाइस किए गए है. सबसे कम रजिस्ट्रेशन केस्को के सर्किल-2 में हुए हैं. इस सर्किल में केवल 124 लोगों ने ही रजिस्ट्रेशन कराया है. जबकि इस सर्किल में गुमटी, रतनपुर, दादा नगर, गोविन्द नगर, बर्रा विश्व बैंक जैसे बड़े डिवीजन ऑफिस शामिल है. जिसमें केस्को के कन्ज्यूमर्स की संख्या लाखों में है.

इनकी खींचतान, पब्लिक परेशान
ओटीएस स्कीम लांच करने के टाइम पर यूपीपीसीएल ने इसका जोरशोर से प्रचार करने का निर्देश दिया था. लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ है. खोजने पर ओटीएस के बैनर तक नजर नहीं आते हैं. वहीं सोर्सेज का कहना है कि केस्को के ऑन लाइन बिलिंग सिस्टम में सेंध के बाद ज्यादातर अधिकार एई से लेकर एक्सईएन को दे दिए गए. जिसकी वजह एसडीओ में नाराजगी है. इसीलिए वे भी ओटीएस को लेकर ज्यादा तवज्जों भी नहीं दे रहे हैं.