कानपुर। Delhi Chandni Chowk election result 2020: चांदनी चौक विधानसभा सीट से विधायक अलका लांबा एक बार फिर यहां से किस्‍मत आजमा रही थीं और वो हार चुकी हैं। पिछला चुनाव आप के टिकट पर जीतने के बाद इस बार वे कांग्रेस से मैदान में हैं। वहीं पूर्व कांग्रेसी प्रह्लाद सिंह साहनी आप के टिकट पर मैदान में हैं। अलका लांबा अपने निकटम प्रतिद्वंदी आप के प्रह्लाद सिंह साहनी से काफी पिछड़कर तीसरे स्थान पर पहुंच गईं। प्रह्लाद को 50891 वोट मिले हैं। बीजेपी के सुमन कुमार गुप्ता 21307 वोटों के साथ दूसरे नंबर पर रहे। वहीं, अलका को सिर्फ 3881 वोट ही मिले।

अलका लांबा ने जीता पिछला चुनाव

अलका लांबा यहां की वर्तमान विधायक हैं। 2015 में चांदनी चौक सीट से AAP के टिकट पर चुनाव लड़ने वाली लांबा ने BJP कैंडिडेट के सुमन कुमार गुप्ता को 18,287 मतों के अंतर से हराया था। लांबा को 36,756 वोट मिले, जबकि गुप्ता को 18,469 वोट मिले। पार्टी नेतृत्व के साथ कई महीनों के टकराव के बाद लांबा ने पिछले साल सितंबर में AAP छोड़ दी। दिल्ली में 8 फरवरी को मतदान हुआ है और विधानसभा चुनाव के नतीजे 11 फरवरी को घोषित किए जाएंगे। चांदनी चौक विधानसभा क्षेत्र में इस बार त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा। आम आदमी पार्टी (AAP) ने पूर्व कांग्रेसी प्रहलाद सिंह साहनी और भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर सुमन कुमार गुप्ता को इस सीट पर अलका लांबा के सामने मैदान में उतारा है।

चांदनी चौक का इतिहास

चांदनी चौक दिल्‍ली का सबसे पुराना इलाका और राष्ट्रीय राजधानी की राजनीति का एक प्रमुख केंद्र माना जाता है। दिल्ली विधानसभा चुनाव 2015 में चांदनी चौक विधानसभा सीट पर अलका लांबा ने AAP की टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। चांदनी चौक विधानसभा क्षेत्र दिल्ली के प्रमुख इलाकों में से एक है। सरकारी डेटा के अनुसार, इस सीट पर 1951 में पहली बार विधानसभा चुनाव हुआ था। तब यहां से कांग्रेस के युद्धवीर सिंह ने जीत दर्ज की थी। बताया जाता है कि मुगल शासक शाहजहां ने इस इलाके में छोटी झील बनवाई थी और उसमे फव्‍वारे लगवाए। चांदनी रात में फव्‍वारे खूबसूरत दिखने लगे थे। इसकी शानदार चमक के चलते इस इलाके का नाम चांदनी चौक पड़ गया। इस इलाके में लाल किला और जामा मजिस्‍द भी मुगल शासनकाल के दौरान ही बनवाई गईं। दिल्‍ली का सबसे पुराना व पॉपुलर 'मीना बाजार' इसी इलाके में पड़ता है।

Posted By: Mukul Kumar