- 1,51000 घरों की हो चुकी है जांच

- 435 मरीज मिले डेंगू के

- 57 से 58 टीम कर रही है जांच

- 40 से 45 लाख का बजट दिसंबर तक

- डेंगू से बचाव के लिए जागरूकता काफी अहम

- हॉस्पिटल को अलर्ट पर रहने का जारी हुआ निर्देश

- सभी हॉस्पिटल में डेंगू के लिए अलग से बेड व्यवस्था

- स्वास्थ विभाग लगातार कर रहा वार्ड का निरीक्षण

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LUCKNOW:

राजधानी में डेंगू का कहर जारी है. बीतते समय के साथ इसका कहर और बढ़ता जा रहा है. राजधानी में वर्तमान समय में शायद ही कोई इसके डंक से अछुता हो. हेल्थ डिपार्टमेंट की ओर से लगातार अवेयरनेस ड्राइव चलाने के बावजूद शहर में रोज डेंगू के मरीज मिल रहे हैं, जिससे विभाग की पहल पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. वहीं प्रमुख सचिव नवनीत सहगल को भी डेंगू की पुष्टि होने के बाद केजीएमयू में भर्ती कराया गया है. फिलहाल उनकी हालत में सुधार है. डेंगू को लेकर पूरे शहर के सभी अस्पताल अलर्ट पर हैं. पेश है कि एक रिपोर्ट.

अलर्ट पर शहर के हॉस्पिटल्स

राजधानी के सिविल हॉस्पिटल, बलरामपुर हॉस्पिटल, केजीएमयू और लोहिया संस्थान सहित अन्य हॉस्पिटल्स में डेंगू को लेकर अलग से वार्ड बनाये गये हैं. इसके साथ सभी जरूरी ट्रीटमेंट और सुविधाओं पर भी जोर दिया जा रहा है. स्टाफ को अलर्ट पर रखने के साथ डेंगू के पेशेंट बढ़ते हैं तो अतिरिक्त बेड की भी व्यवस्था के पूरे इंतजाम किये गये हैं. स्वास्थ्य विभाग ने भी डेंगू के मरीजों को बिना इलाज के नहीं भेजने का आदेश दिया हुआ है. इसके साथ बुखार के मरीजों पर विशेष नजर रखने की हिदायत दी गई है.

निरीक्षण पर भी है खासा फोकस

सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि विभाग लगातार डेंगू और अन्य मच्छर जनित बिमारियों से बचाव के लिए अवेयरनेस ड्राइव चला रहा है. इसके बाद लोगों में अवेयरनेस तो आई है, लेकिन वह ज्यादा ध्यान नहीं दे रहे हैं. अभी तक 1 लाख 51 हजार 64 घरों की जांच की चुकी है. इसमें 2464 लोगों को लार्वा मिलने पर नोटिस दिया जा चुका है. इसके साथ 2221 स्कूलों का विजिट करके अवेयरनेस ड्राइव चलाया गया. जल्द ही 50 नई टीम का गठन किया जाएगा ताकि ज्यादा से ज्यादा वार्ड का निरीक्षण और एंटी लार्वा का छिड़काव किया जा सके. डेंगू का इलाज एवं जांच सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में फ्री में उपलब्ध है.

घर पर ही मिलेगा फ्री ट्रीटमेंट

डेंग के कहर को देखते हुए फैजुल्लागंज में मोबाइल मेडिकल यूनिट के जरिये 31 अक्टूबर तक लोगों को उनके घर के पास ही फ्री में इलाज देने की सुविधा दी गई है. सीएमओ ने बताया की रोजाना सुबह नौ से शाम छह बजे तक एमएमयू मौजूद रहेगी. साथ ही डेंगू व मलेरिया जैसी जांच भी ब्लड सैंपल लेकर की जाएगी. दो एमएमयू शहरी क्षेत्र के मच्छर प्रभावित इलाकों में विशेष शिविर के तहत मौजूद रहेंगी. अभी तक एक एमएमयू रुचिखंड, रविखंड, एलडीए कॉलोनी, रश्मिखंड में 320 मरीजों को इलाज और 58 लोगों की जांच कर चुकी है. दूसरी एमएमयू बंग्लाबाजार, रश्मिखंड, सालेह नगर, केशव नगर में 308 मरीज और 71 लोगों की जांच कर चुकी है. एमएमयू में संक्रामक रोगों की स्क्रीनिंग, प्राथमिक इलाज, बेसिक लैब टेस्ट, शुगर, ईसीजी आदि जांच फ्री में की जा रही है.

.. तो दर्ज कराएं एफआईआर

वहीं डेंगू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुये प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. देवेश चतुर्वेदी ने बचाव और रोकथाम के उपायों का व्यापक प्रचार-प्रसार करके जनता को जागरूक करने के लिए कहा है. शहरी क्षेत्र में लार्वा पनपने के स्थानों का चिन्हीकरण तथा इन स्थानों पर लार्वा रोधी कार्यवाही एवं फॉगिंग के लिए सभीवार्ड में सचल दलों की संख्या को दोगुना किया जाए़ रिपीट ऑफेंडर्स के विरुद्ध नियमानुसार एफआईआर दर्ज कराने के भी निर्देश दिया.

हॉस्पिटल भर्ती मरीज कुल बेड

1. सिविल हॉस्पिटल 4-5 25

2. बलरामपुर हॉस्पिटल 2 10

3. लोहिया संस्थान 7-8 60

4. केजीएमयू 2 10

1. डेंगू और उसके इलाज को लेकर पूरी तैयारी है. अलग से वार्ड भी बनाया गया है, जिनमें डेंगू की पुष्टि हो रही है उनका बेहतर इलाज किया जा रहा है.

- डॉ. आशुतोष दुबे, एमएस सिविल हॉस्पिटल

2. हमारे यहां मेडिसिन विभाग में अलग से वार्ड बना है. इसके साथ महिलाओं और पुरुषों के इलाज के लिए अलग बेड की व्यवस्था है. डेंगू को लेकर सभी अलर्ट पर हैं.

- डॉ. विक्रम सिंह, प्रवक्ता लोहिया संस्थान

3. हॉस्पिटल की ओर से डेंगू के इलाज के लिए सभी जरूरी सुविधाएं है. मरीजों को इलाज में किसी प्रकार से कोई दिक्कत नहीं है.

- डॉ. ऋषि सक्सेना, सीएमएस बलरामपुर हास्पिटल

4. डेंगू के इलाज में अगर ज्यादा बेड की जरूरत होगी तो उसकी भी व्यवस्था की जाएगी. फिलहाल बेड की कोई दिक्कत नहीं है. बेहतर इलाज दिया जा रहा है.

- डॉ. सुधीर सिंह, प्रवक्ता केजीएमयू