- विवेचकों के लिये यूपी पुलिस ने तैयार की विवेचक एप

- एप पर होगी मुकदमे की पूरी केस डायरी

- विवेचकों को मिलने वाली विवेचनाओं की भी होगी जानकारी

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LUCKNOW (13 July):

वह दिन दूर नहीं जब विवेचकों को किसी मुकदमे की विवेचना में केस डायरी के पन्ने नहीं भरने होंगे. यह काम विवेचक एप के जरिए हो सकेगा. यूपी पुलिस की टेक्निकल सर्विसेज जल्द ही इंस्पेक्टर्स व दारोगाओं के लिये विवेचक एप शुरू करने जा रही है. खास बात है कि इस एप के जरिये विवेचक मौके से ही घटनास्थल का फोटो, आरोपी व पीडि़त का फोटो और अन्य जरूरी जानकारियां भी अपलोड कर सकेंगे.

स्टेट डाटा सेंटर से जुड़ेंगे

एडीजी टेक्निकल सर्विसेज आशुतोष पांडेय ने बताया कि प्रदेश के सभी थाने सीसीटीएनएस के जरिए स्टेट डाटा सेंटर से जोड़े जा चुके हैं. सीसीटीएनएस पोर्टल पर अपराध व अपराधियों की सूचनाएं भी इकट्ठा की जा चुकी हैं. अब प्रदेश के इंस्पेक्टर्स व सब इंस्पेक्टर्स के लिये विवेचक एप डेवलप किया गया है. यह एप मुकदमों की विवेचना में खासा मददगार साबित होगा. उन्होंने बताया कि इस एप के जरिये विवेचकों को यह जानकारी रहेगी कि उन्हें कौन सी विवेचनाएं दी गई हैं. उन्हें एक क्लिक पर यह भी पता चल सकेगा कि किस विवेचना में वे क्या कार्यवाही कर चुके हैं. साथ ही हर विवेचना में वे कितने आरोपियों के खिलाफ क्या कार्यवाही कर चुके हैं.

बार-बार लिखने से मुक्ति

एडीजी पांडेय ने बताया कि विवेचक अब एप पर ही केस डायरी भरेंगे. केस डायरी में पूरी एफआईआर का मजमून व अन्य जरूरी तथ्य कई बार लिखने पड़ते हैं. पर, इस एप पर ऑनलाइन एफआईआर से तथ्यों व मजमून को कॉपी कर पेस्ट किया जा सकेगा. जिससे उन्हें एक ही मजमून व तथ्य को बार-बार लिखने से मुक्ति मिलेगी. एप के जरिये विवेचक कम समय में अपना काम अधिक तेजी से कर सकेंगे.

यह सेवाएं हो चुकी हैं ऑनलाइन

एडीजी आशुतोष पांडेय ने बताया कि सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम) के तहत यूपी में एफआईआर, अरेस्टिंग की सूचना, जीडी व चार्जशीट आइनलाइन हो चुकी है. आइसीजेएस (इंटरऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम) के तहत पूरे देश में जेल, पुलिस, अभियोजन, कोर्ट व फॉरेंसिक लैब को भी आपस में जोड़ने की कवायद जारी है. इसी कड़ी में बीते दिनों ई-प्रोसीक्यूशन पोर्टल की शुरुआत की गई थी.