-एनई रेलवे को पैसेंजर्स एमिनिटीज के मद में मिले 186 करोड़ रुपए

-पिछली बार के मुकाबले दोगुना हुआ बजट, लास्ट इयर मिले थे 91 करोड़

-पैसेंजर्स को बैठने-ठहरने के साथ ही बेहतर की जाएगी दूसरी फैसिलिटी

GORAKHPUR: कहीं सफर करने के लिए पैसेंजर्स के लिए सबसे बेस्ट ऑप्शन अगर कोई है, तो वह है रेल. लोगों को बेहतर फैसिलिटी प्रोवाइड कराने के लिए रेलवे लगातार कोशिशों में लगा है. पिछले साल जहां पैसेंजर्स एमिनिटीज से जुड़े कई काम हुए हैं, तो वहीं इस साल भी रेलवे हर माह डेवलपमेंट की ओर कदम बढ़ाएगा और इसकी नई इबारत लिखेगा. रेल मंत्रालय और रेलवे बोर्ड भी इसमें भरपूर साथ दे रहा है. यही वजह है कि ओवरऑल एनईआर के डेवलपमेंट के लिए कहां पैसों की बारिश हुई है, तो वहीं पैसेंजर्स की सुख-सुविधाओं का ख्याल रखने के लिए रेलवे ने इस बार दोगुना पैसा भी एनईआर के खाते में दिया है. इसका युटिलाइजेशन प्लान तैयार हो रहा है. जल्द लोगों को और बेहतर फैसिलिटी ि1मलने लगेगी.

186 करोड़ रुपए का मिला बजट

एनई रेलवे को इस बजट में चार हजार करोड़ से ज्यादा का फंड मिला है. इसमें सिर्फ पैसेंजर्स एमिनिटीज के लिए रेल मंत्रालय ने एनई रेलवे को 186 करोड़ रुपए की सौगात दी है. खास बात यह है कि यह फंड पिछली बार मिले फंड के दोगुने से भी ज्यादा है. लास्ट ईयर की बात करें तो फाइनेंशियल इयर 2018-19 में एनई रेलवे को 91 करोड़ रुपए का फंड दिया था, जिसे इस बार 2019-20 में बढ़ाकर 186 करोड़ रुपए कर दिया गया है. इससे रेलवे की व्यवस्था और बेहतर होगी, वहीं लोगों को किसी भी मौसम में परेशान नहीं होना पड़ेगा.

इन चीजों पर हाेगा फोकस

- ड्रिंकिंग वॉटर सप्लाई

- एस्केलेटर

- लिफ्ट

- फुट ओवरब्रिज

- शेल्टर

- सिटिंग अरेंजमेंट्स

- प्लेटफॉर्म अपग्रेडेशन

- वॉशेबल अप्रेन

- बुकिंग ऑफिस, वेटिंग हॉल और सर्कुलेटिंग एरिया का सुंदरीकरण

इस मद में भी बजट

ओवर ब्रिज एंड अंडर पास

2018-19 में 156 करोड़

2019-20 में 176 करोड़

ट्रैक रीन्यूअल

2018-19 में 410 करोड़

2019-20 मं 457 करोड़

पिछली बार यह हुए थे काम

- प्लेटफॉर्म नंबर 9 के सरफेस पर ग्रेनाइट लगाकर सुंदरीकरण

- स्टेशन मैनेजर और यात्री मित्र ऑफिस अपग्रेडेशन

- एसी लाउंज की एंट्री पर टेराकोटा और कल्चरल हेरिटेज का शो-केस

- गोरखपुर जंक्शन पर वॉटर सप्लाई बेहतर करने का वर्क

- सेकेंड फुट ओवर ब्रिज को सर्कुलेटिंग एरिया में पहुंचाने के लिए एक्सटेंशन वर्क

- प्लेटफॉर्म की सफाई व्यवस्था मैकेनाइज्ड क्लीनिंग के जरिए

वर्जन

इस बार पैसेंजर्स एमिनिटीज के लिए दोगुना बजट मिला है. इससे पैसेंजर्स की सुविधा से जुड़े ज्यादा से ज्यादा काम कराए जाएंगे, जिससे उन्हें किसी तरह की मुश्किलों का सामना न करना पड़े.

-पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ, एनई रेलवे