क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : जिला प्रशासन ने परफॉर्मेस की बेसिस पर पीडीएस डीलर्स की तीन कैटेगरी बनाई है. ए और बी कैटेगरी में उन डीलर्स को रखा गया है जिन्होंने 95 प्रतिशत तक अनाज का वितरण किया है. सी कैटेगरी में वैसे डीलर्स हैं जिन्होंने अनाज वितरण के लक्ष्य को पूरा नहीं किया है. ऐसे में इन डीलर्स के खिलाफ न सिर्फ एक्शन लिया जाएगा, बल्कि इसकी भी जांच की जाएगा कि आखिर किन वजहों से वे लक्ष्य के अनुरुप अनाज का वितरण नहीं कर पाए.

वितरण में कोताही बर्दाश्त नहीं

अनाज वितरण को लेकर जिला प्रशासन काफी गंभीर है. इस बाबत डीलर्स को बार-बार डोर टू डोर अनाज की डिलीवरी करने का निर्देश दिया जा रहा है. कई डीलरों ने अपने स्तर पर 95 परसेंट तक अनाज वितरण सुनिश्चित करने में सफलता हासिल कर ली है, लेकिन ऐसे भी डीलर्स हैं जो लक्ष्य से काफी कम अनाज लाभुको को वितरित कर सके हैं.

100 से ज्यादा डीलर्स को शो-कॉज

अनाज वितरण का टारगेट पूरा नहीं करने वाले पीडीएस डीलर्स की लिस्ट जिला प्रशासन ने तैयार कर ली है. इस बेसिस पर सौ से ज्यादा डीलर्स को अनाज का वितरण नहीं करने के आरोप में शोकॉज जारी कर जवाब मांगा गया है. अगर उनका जवाब संतोषजनक नहीं होगा तो उनके लाइसेंस को रद करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

वितरण में आनेवाली परेशानी होगी दूर

जिला प्रशासन लक्ष्य के अनुरुप अनाज वितरण को हर हाल में सुनिश्चित करने को प्रतिबद्ध है. ऐसे में अनाज वितरण में आने वाली परेशानियों की वजहें व उसे दूर करने की रणनीति बनाई गई है. इसके लिए ब्लॉक सप्लाई अफसर के साथ मीटिंग होगी, ताकि अनाज वितरण की अड़चनें जानी जा सके.