कानपुर (इंटरनेट डेस्क)। Diwali 2021 : दिवाली या दीपावली को रोशनी के त्योहार के रूप में जाना जाता है। यह त्योहार भारत में सबसे ज्यादा मनाया जाने वाला सबसे बड़ा त्योहार है। जैसे ही त्योहार नजदीक आने वाला होता है, लोग अपने घरों की साफ-सफाई करना शुरू कर देते हैं। इसके अलावा वे इस त्योहार पर अपने घरों को रोशनी और दीयों से सजाते हैं और नए कपड़े खरीदते हैं। इस दिन मंदिर और सार्वजनिक संस्थान भी खूबसूरत सजावट व आतिशबाजी के साथ इस त्योहार का जश्न मनाते हैं। यह त्योहार भगवान राम की बुराई पर जीत का प्रतीक है क्योंकि उन्होंने राजा रावण को हराया था।
राम से जुड़ा है कि यह दिन
प्राथमिक कहानियों में यह कहानी काफी प्रचलित है कि दीवाली के दिन, भगवान राम अपनी पत्नी सीता और भाई लक्ष्मण के साथ अपने जीवन के 14 वर्ष वनवास में बिताने के बाद वापस अपनी मातृभूमि अयोध्या लौटे थे। इस दाैरान उनकी मातृभूमि अयोध्या और ग्रामीणों ने पूरे उत्सव के साथ उनका भव्य स्वागत किया और घी के दीए जलाए थे।
कृष्ण से भी इस तरह है जुड़ा
वहीं यह दिन भगवान कृष्ण की कहानी को भी चिह्नित करता है क्योंकि उन्होंने राक्षस नरकासुर को हराया था, जिसने प्रागज्योतिषापुर पर शासन किया था। यह वर्तमान में असम के है। अपने राज्य के लोगों को मुक्त करने के लिए, जो पूर्ण भय में रहते थे, कृष्ण ने राक्षस का वध किया और घोषणा की कि यह दिन उत्सव के रूप में मनाया जाएगा।
इस दिन देवी लक्ष्मी की पूजा
इस दिन, लोग मिठाई बांटते हैं, तेल के दीपक जलाते हैं और पड़ोसियों और करीबियों के साथ मिठाइयों और शुभकामनाओं का आदान-प्रदान करते हैं। लोग इस दिन देवी लक्ष्मी की भी पूजा करते हैं। इस बार दिवाली का पर्व 4 नवबंर दिन गुरुवार को मनाया जाना है।

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