पौधरोपण अभियान के बाद नहीं मिल रही पौधों की लोकेशन, 13 सितंबर है लास्ट डेट

डीएम ने बैठक के दौरान विभागों को दिए निर्देश, पैचवर्क के मैटीरियल में मिली मिलावट तो होगी कार्रवाई

Meerut. शासन के सख्त निर्देशों के बावजूद शहरी क्षेत्रों में गत दिनों पौधरोपण की जियो टैगिंग नहीं कराई गई. इस पर डीएम अनिल ढींगरा ने विभागों को सख्त निर्देश देते हुए 13 सितंबर से पूर्व जियो टैंगिंग कराने के आदेश दिए हैं. वहीं पीडब्ल्यूडी को डीएम ने पैचवर्क के दौरान मैटेरियल की गुणवत्ता सही रखने के आदेश देते हुए कहा कि यदि कहीं भी गुणवत्ता को नजरअंदाज कर पैचवर्क मिला या मैटेरियल में मिलावट मिली तो संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारी और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई होगी.

जियो टैगिंग कराएं

बुधवार को बचत भवन में समीक्षा बैठक के दौरान डीएम ने बताया कि गत माह हुए वृहद पौधरोपण अभियान में प्रदेश में मेरठ पहले स्थान पर रहा है. किंतु शहरी क्षेत्रों में कुछ साइट्स की अभी तक जियो टैगिंग नहीं की गई है, यह एक गंभीर लापरवाही है. उन्होंने विभागों को निर्देश दिए कि वे पौधरोपण की साइट्स की 13 सितंबर से पहले जियो टैगिंग करा लें. डीएफओ अदिति शर्मा ने डीएम को बताया कि शहर क्षेत्र में 837 साइट्स पर पौधरोपण किया गया, जिसमें 650 साइट्स की जियो टैंगिंग कर दी गई. साथ ही डीएफओ ने बताया कि 2 अक्टूबर को मुख्यमंत्री पौधरोपण अभियान में अच्छा काम करने वालों को सम्मानित भी किया जाएगा.

पैचवर्क में रखे क्वालिटी का ध्यान

डीएम ने पीडब्ल्यूडी समेत विभिन्न विभागों को आदेश दिए हैं कि वे सड़कों पर पैचवर्क अभियान के दौरान गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें. डीएम ने बताया कि पीडब्ल्यूडी 4 करोड़ की लागत से मेरठ में 10 सड़कें बनाने जा रही है. बैठक में सीएमओ डॉ. राजकुमार, जिला वन अधिकारी अदिति शर्मा, पीडी डीआरडीए भानु प्रताप सिंह, आईएस ट्रेनी ऋषि राज आदि मौजूद रहे.