राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने ग्रामीणों को दिलाई शपथ

कान्हा गौशाला का किया निरीक्षण, गोमाता को खिलाया गुड़-चना

फिरोजाबाद. अन्न को बर्बाद होने से बचाएं और पानी की बचत करना शुरू करें. गायों को खुला न छोड़ें, जिससे हादसे न हों. इसके अलावा भूसे को न जलाकर उसे गौशालाओं में दे दें, जिससे गायों की सेवा हो सके. ग्रामीणों को कुछ इसी तरह का संदेश दिया राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने. वे फिरोजाबाद के गांव ऊंधनी स्थित पंचायत घर में ग्रामीणों को संबोधित कर रही थीं. इससे पहले उन्होंने कान्हा गौशाला में समय बिताया और प्राइमरी पाठशाला का भी निरीक्षण किया.

गांव ऊंधनी में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने गुजरात मॉडल के विकास को सामने रखते हुए ग्रामीणों को शपथ दिलाते हुए कहा कि गुजरात में चारागाह को किसानों को देकर उसमें हरी घास उगाई जाती है. आधी घास को बेच दिया जाता है, जिससे पैसा आता है. उसे विकास कायरें में लगा देते हैं, जबकि आधी घास को पशुओं के लिए गौशालाओं में दिया जाता है. इस तरह गायों की सेवा भी होती है. उन्होंने किसानों से कहा जो भूसा बर्बाद होता है, उसे जलाएं नहीं, बल्कि गौशालाओं में दे दें, ताकि जरूरतमंद गायों को मदद मिल सके. उन्होंने किसानों को शपथ दिलाई कि अगली बार दूध का दोहन करने के बाद गाय को खुला नहीं छोड़ेंगे, इससे हाइवे पर हादसे भी होते हैं.

अपने घर से करें शुरुआत

राज्यपाल ने ग्रामीणों को शपथ दिलाई कि अन्न का एक दाना बर्बाद नहीं करेंगे. इसके लिए चाहे उनको शादी समारोह में कई बार खाना लेना पड़े. उन्होंने कहा कि जिस खाने को हम बर्बाद करते हैं, उससे देश में ऐसे कई बच्चे और परिवार हैं, जिनका पेट भरा जा सकता है. उन्हें एक समय भोजन भी नहीं नसीब हो पाता. राज्यपाल ने ग्रामीणों से कहा कि आप पानी की बचत जरूर करें. इसकी शुरुआत अपने घर से ही करें. कोई रिश्तेदार आए तो उनको पूरा गिलास भरकर देने के बजाय आधा गिलास दें ताकि पानी की बचत हो सके.

सरकार ने खत्म किए बिचौलिए

राज्यपाल ने ग्रामीणों से जानकारी लेने के बाद सरकारी योजनाओं के बारे में पूछा. उन्होंने कहा कि आप लोगों के जो जन धन योजना में खाते खोले गए हैं, उसके पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उद्देश्य था कि बिचौलियों द्वारा लिया जा रहा लाभ पूरी तरह खत्म कर दिया जाए. अब सब्सिडी आप के खातों में सीधे आती है. बैंकों में खाते इसीलिए जरूरी थे. गुजरात में जो काम प्रधानमंत्री ने कराया था, उसी को पूरे देश में अब लागू किया जा रहा है.

पाठशाला में बच्चों दिए फल

इसके बाद राज्यपाल ऊंधनी गांव स्थित प्राइमरी पाठशाला पहुंचीं. वहां बच्चों से सवाल पूछे. उनके सही जवाब देने पर बच्चों को शाबाशी भी दी. उन्हें फल खाने को दिए तो बच्चों से उन फलों के अंग्रेजी में नाम पूछे. इस दौरान बच्चों द्वारा बनाई चित्रकला को भी देखा और सराहा. स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल पर रुककर जानकारी ली. कैंसर के बारे पूछा और कहा कि तंबाकू खाने से लोगों को रोकना होगा.