वाशिंगटन (एएफपी)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप विपक्षी महिला सांसदों पर की गई अपनी एक टिप्पणी को लेकर फिर से विवादों में घिर गए हैं। अमेरिकी संसद में विरोधी जमकर ट्रंप की आलोचना कर रहे हैं। दरअसल, डेमोक्रेट पार्टी की चार अल्पसंख्यक महिला सांसदों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा था, 'सरकार कैसे चलनी है, अमेरिकी लोगों को यह बताने के बजाय वे जिन देशों से आई हैं वहीं लौट जाएं।' ट्रंप के इस बयान को विरोधियों ने गलत और नस्ली करार दिया है।

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ट्रंप ने रविवार को ट्विटर पर लिखा, 'यह उन प्रगतिशील डेमोक्रेट्स महिला सांसदों के लिए देखना कितना दिलचस्प है कि वे मूल रूप से जिन देशों से आई हैं, वहां की सरकारें पूरी तरह तबाह, सबसे भ्रष्ट और दुनिया में सबसे अयोग्य हैं। वे अमेरिकी लोगों से चिल्लाकर और क्रूरतापूर्वक कह रही हैं कि हमारी सरकार को किस तरह चलाया जाए? वे जहां से आई हैं वहीं वापस क्यों नहीं चली जातीं और उन तबाह व अपराध प्रभावित जगहों की समस्या को दूर करने में मदद क्यों नहीं करतीं?' अमेरिकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा की स्पीकर और डेमोक्रेट नेता नैंसी पेलोसी समेत उनकी पार्टी के कई नेताओं ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की है। उन्होंने कहा, 'हमारी विविधता और एकता हमारी ताकत है। सांसदों पर निशाना साधने के बजाय ट्रंप को असल में हमारे साथ आव्रजन नीति और अमेरिकी मूल्यों पर काम करना चाहिए।'

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ट्रंप के निशाने पर रहीं ये महिला सांसद

हालांकि, बयान देने के वक्त ट्रंप ने किसी खास महिला सांसद का नाम नहीं लिया लेकिन अनुमान यह कि उनके निशाने पर पहली बार संसद पहुंचने वालीं अलेक्जेंड्रिया ओकासियो-कार्टेज, इल्हान उमर, रशीदा तालिब और अयान प्रेसली हैं। उमर का जन्म सोमालिया में हुआ है। तालिब का फलस्तीन और अलेक्जेंड्रिया का प्यूर्टोरिको से संबंध है। इसके अलावा प्रेसली पहली अफ्रीकी अमेरिकी सांसद हैं। बता दें कि इन चारों महिला सांसदों ने ट्रंप की आव्रजन नीति और शरणार्थियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की आलोचना की थी।

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