- दून अस्पताल में हर तरफ अव्यवस्था, मरीजों का भारी दबाव

- मरीजों के लिए नहीं हैं अस्पताल में पर्याप्त सुविधाएं

- रविवार को अस्पताल में दिखीं भारी अव्यवस्थाएं

<- दून अस्पताल में हर तरफ अव्यवस्था, मरीजों का भारी दबाव

- मरीजों के लिए नहीं हैं अस्पताल में पर्याप्त सुविधाएं

- रविवार को अस्पताल में दिखीं भारी अव्यवस्थाएं

DEHRADUN: DEHRADUN: दून अस्पताल के बरामदे में भी मरीज भर्ती हैं, बरामदे से लेकर इमरजेंसी गेट तक मरीजों की कतार लगी है और स्ट्रेचर पर लिटाकर यहां उनका इलाज किया जा रहा है. अस्पताल पर मरीजों का जितना प्रेशर है उतनी सुविधाएं अस्पताल में नहीं हैं और इसीलिए यहां अव्यवस्थाएं हावी हैं. अव्यवस्थाओं के चलते दूर-दूर से इलाज के लिए यहां पहुंचने वाले मरीज बेहाल हैं. अस्पताल कर्मियों की मानें तो कमोबेश ऐसी ही स्थिति यहां हर संडे को नजर आती है.

बद से बदतर हुए हालात

दून अस्पताल सिर्फ राजधानी का ही अस्पताल नहीं है. यहां दूर-दूर से मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, लेकिन दून अस्पताल के हालात आज तक नहीं सुधर पाए हैं. हालात तब से और भी खराब हो गए जबसे दून अस्पताल को मेडिकल कॉलेज से संबद्ध कर दिया गया. अस्पताल में मरीजों का इतना दबाव है कि उनके लिए पूरी सुविधाएं जुटा पाना भी अस्पताल प्रशासन के लिए परेशानी का सबब बना है. यहां अस्पताल के वार्ड तो छोडि़ए बरामदे तक में मरीजों को जगह नहीं मिल रही है. मजबूरन जिसे जहां जगह दिखती है वहीं इलाज की पेशकश करने लगता है.

जब गेट पर ही चढ़ा दी ड्रिप

राजकीय मेडिकल कॉलेज के दून अस्पताल में व्यवस्थाएं पटरी पर नही हैं. अस्पताल के हर कोने में अव्यवस्थाएं हावी हैं, हर जगह मरीज परेशानियों से जूझ रहे हैं. इमरजेंसी वार्ड के बाहर बरामदे से लेकर गेट तक हर जगह मरीजों का इलाज किया जा रहा है. संडे को दून अस्पताल में मरीजों की भीड़ लगी रही. इमरजेंसी वार्ड के बाहर बरामदे में ही स्ट्रेचर पर लिटाकर मरीजों का इलाज किया जा रहा था, एक मरीज को तो इमरजेंसी वार्ड के गेट पर ही ड्रिप चढ़ाई गई. इमरजेंसी वार्ड के कर्मचारियों ने बताया कि मरीज क्08 द्वारा अस्पताल लाया गया, जिसकी पहचान नहीं हो पाई थी, लेकिन उसकी स्थिति को देखते हुए उसे गेट पर ही इलाज देना पड़ा. कर्मचारियों ने बताया कि मरीज को बेड पर लिटाया गया लेकिन वह बार-बार इमरजेंसी गेट की ओर जाने लगा, मजबूरन उसे गेट पर ही ड्रिप चढ़ानी पड़ी.

अस्पताल में बेड की स्थिति

दून अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में क्0 बेड हैं, इमरजेंसी में मरीज को सबसे पहले यहीं भर्ती किया जाता है, इसके बाद अलग-अलग वार्ड्स में शिफ्ट कर दिया जाता है. वार्ड्स में कुल ब्म्0 बेड हैं, वहीं एक दिन में दून अस्पताल में करीब 70 से 80 मरीज आते हैं. मरीजों की संख्या ज्यादा होने के कारण मरीजों को बरामदे में ही स्ट्रेचर पर इलाज दिया जा रहा है.