क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ: देश के 4,237 शहरों में स्वच्छता सर्वे शुरू हो चुका है, जिसमें अपनी राजधानी रांची भी पार्टिसिपेट कर रही है. लेकिन शहर में सफाई की स्थिति में कोई सुधार होता नहीं दिख रहा है. वहीं आदेश के बाद भी डोर टू डोर वेस्ट कलेक्शन में तेजी नहीं आई है. इस वजह से लोगों के घरों में कचरा पड़ा हुआ है. इतना ही नहीं, अगर पहुंच है तो आपके घर से पहले कचरा उठा लिया जाएगा. इसके बाद तो आप चाहकर भी कूड़ा उठाने वाली गाड़ी को रोक नहीं सकते. बताते चलें कि मेयर आशा लकड़ा ने शनिवार को आरएमएसडब्ल्यू के अधिकारियों को सफाई दुरुस्त करने को लेकर जमकर फटकार लगाई थी. लेकिन इसका भी कोई असर देखने को नहीं मिल रहा है.

कूड़ा हाथ में, निकल गई गाड़ी

वार्डो में डोर टू डोर वेस्ट कलेक्शन की स्थिति नहीं सुधर रही है. अंदर के इलाकों में तो गाडि़यां नजर भी नहीं आतीं. लेकिन जिस रास्ते में गाडि़यां जाती हैं वहां लोग हाथों में कचरा लिए खड़े रहते हैं और सामने से कचरा कलेक्ट करने वाली गाड़ी निकल जा रही है. आवाज लगाने के बाद भी वे लोग नहीं सुनते.

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इन इलाकों से नहीं उठ रहा कचरा

दुर्गापुरी, कोकर

सुंदर विहार, तिरील

रिम्स स्टाफ क्वार्टर, बरियातू

केतारी बगान, चुटिया

रांची यूनिवर्सिटी हॉस्टल

पिस्का नगड़ी

बरियातू हाउसिंग कॉलोनी

चिरौंदी

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क्या कहती है पब्लिक

वार्ड में कचरा उठाने की पहले की व्यवस्था ही ठीक थी. अभी तो गाडि़यां हफ्तों तक कचरा उठाने नहीं आ रही हैं. आखिर हमलोग घर का कचरा कहां फेंकेंगे. बार-बार बोलने पर भी ये लोग कचरा नहीं उठाते हैं.

कीर्ति गुप्ता

कचरा उठाने वाली गाडि़यां तो कहीं दिखती ही नहीं है. हॉस्टल में भी हर दिन कचरा निकलता है. लेकिन कचरे का उठाव नहीं होने से दुर्गध फैलने लगता है. मजबूरी में हमें कचरा बाहर फेंकना पड़ रहा है.

सिद्धांत ओहदार

नगर निगम को सफाई करने वाली एजेंसी को बदल देना चाहिए. आखिर एजेंसी काम नहीं कर रही है तो नगर निगम उसे हटाता क्यों नहीं. इतने दिनों से सुनने को मिल रहा है कि एजेंसी को हटाया जाएगा.

रवि केशरी