क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : रिम्स में अब तक का सबसे बड़ा चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां बिना जरूरत के ही ऑर्थोपेडिक डिपार्टमेंट में लाखों रुपए के मशीन की खरीदारी कर ली गई. इतना ही नहीं बिना इस्तेमाल किए ही 26 मशीनें गायब भी हो गई. इससे प्रबंधन को काफी नुकसान हो गया. अब रिम्स प्रबंधन 19 लाख रुपए की भरपाई तत्कालीन एचओडी डॉ.एलबी मांझी की सैलरी से करेगा. वहीं इंचार्ज नर्स की सैलरी से भी नुकसान की 25 परसेंट राशि काटने की तैयारी है. बताते चलें कि नए ट्रामा सेंटर के लिए इन मशीनों की खरीदारी की गई थी. तीन साल बाद जब मशीनों की जरूरत पड़ी तो इस गड़बड़झाले का खुलासा हुआ. क्या है मामला

30 मार्च 2016 को इन्फ्यूजन सीरिंज पंप के लिए एचओडी ने रिक्वेस्ट एप्लीकेशन दिया था. उसके बाद एक दिन के भीतर ही इन्फ्यूजन सीरिंज पंप के लिए सर्जिकल एजेंसी को सप्लाई करने का आर्डर दे दिया गया. करीब तीन महीने बाद 35 इन्फ्यूजन सीरिंज पंप ऑर्थोपेडिक डिपार्टमेंट को मिले. जिसके बाद 21 जुलाई 2016 को ही एचओडी ने इंस्टालेशन और सैटिस्फैक्टरी के पेपर पर साइन भी कर दिया. लेकिन डिपार्टमेंट के स्टॉक बुक में इसकी इंट्री ही नहीं की. वहीं मशीनों के इंस्टालेशन के लिए भी कोई स्टाफ नहीं आया. अब रिम्स में 35 में से केवल 9 मशीनें ही बची हैं. बाकी की मशीनें विशाल सर्जिकल कंपनी वापस ले गई. इस वजह से प्रबंधन को 19 लाख रुपए का नुकसान हो गया.