कुंभ के दौरान इंडोनेशिया, श्रीलंका व सूरीनाम सहित विश्व के सात देशों की रामलीला संस्थाएं करेंगी मंचन

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PRAYAGRAJ: संगम की रेती पर दो महीने के बाद दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक उत्सव कुंभ का आयोजन शुरू हो जाएगा. मेला में देश-दुनिया से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को रामलीला का अद्भुत मंचन देखने को मिलेगा. मेला की अवधि में जहां इंडोनेशिया, श्रीलंका, सूरीनाम, त्रिनिदाद, लाओस व मारीशस जैसे देशों की रामलीला संस्थाओं का आगमन होगा. वहीं रामलीला क्लब में सोवियत संघ की स्पेशल इंट्री भी होगी. इसके लिए विदेश मंत्रालय की हरी झंडी मिल चुकी है और इन देशों के कलाकारों का वीजा बनाने की प्रक्रिया भी मंत्रालय ने शुरू कर दी है.

सीएम ने किया था सम्मानित

दीपावली के अवसर पर सोवियत संघ के कलाकारों ने अयोध्या में रामलीला का मंचन किया था. मंचन के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने वहां के कलाकारों को सम्मानित भी किया था. उसी समय कलाकारों से प्रयागराज में आयोजित होने वाले कुंभ मेला में शामिल होने का अनुरोध किया गया था. सांस्कृतिक कार्यक्रमों के नोडल आफिसर अमित कुमार अग्निहोत्री की मानें तो इन कलाकारों से पहले से वार्ता चल रही थी लेकिन अयोध्या में आयोजन के दौरान उनके कुंभ में आने की स्वीकृति मिली है.

महत्वपूर्ण तथ्य

एक साथ सात देशों की रामलीला संस्थाओं की कुंभ मेला के इतिहास में ही नहीं बल्कि प्रयागराज में भी पहली बार इंट्री होने जा रही है.

15 जनवरी को पहले शाही स्नान से लेकर चार मार्च को अंतिम स्नान पर्व महाशिवरात्रि तक मेला क्षेत्र में रामलीला का मंचन कराया जाएगा.

विदेशी कलाकारों के मंचन के लिए सेक्टर एक, छह, 13 व सेक्टर 19 को चिन्हित किया गया है. इनमें से सेक्टर एक के लिए परेड ग्राउंड की जमीन को चिन्हित कर लिया गया है.

चारों सेक्टर में जो पंडाल बनाए जाएंगे वे पूरी तरह से वाटर प्रूफ होंगे और उनका नाम गंगा, यमुना, सरस्वती व महर्षि भारद्वाज रखा जाएगा.

परेड ग्राउंड के पंडाल की क्षमता बीस हजार श्रद्धालुओं की होगी तो अन्य तीन सेक्टर में बनाए जाने वाले पंडालों की क्षमता क्रमश : दस-दस हजार की होगी.

सात देशों के अलावा इंडिया की सबसे प्राचीन नाट्य संस्था श्रीराम कला केन्द्र के कलाकारों द्वारा दस दिनों तक रामलीला का मंचन किया जाएगा.

प्रदेश सरकार के निर्देश पर मेला की अवधि में सबसे ज्यादा रामलीला का मंचन कराया जाएगा. इसके लिए तैयारियां अंतिम दौर में चल रही हैं. प्रयागराज में पहली बार सात देशों के कलाकारों के अलावा नई दिल्ली के श्रीराम कला केन्द्र का आगमन होगा.

अमित कुमार अग्निहोत्री, नोडल आफिसर, सांस्कृतिक कार्यक्रम