- नगर निगम ने सिटी में लगाए थे दो हजार से अधिक डस्टबिन

- करीब एक हजार हो गए गायब, कहीं टूटे तो कहीं हो गए चोरी

GORAKHPUR: स्वच्छ भारत अभियान को लेकर गोरखपुर में भी जोरशोर से कवायदें हुईं. कईयों ने झाड़ू थाम सेल्फी खिंचाई. नगर निगम के जिम्मेदार भी सड़क किनारे डस्टबिन लगवाने खूब दौड़े. लेकिन समय के साथ तमाम कवायदों की हवा निकल गई है. शहर की सड़कों पर लगे दो हजार से अधिक डस्टबिन का हाल इसका उदाहरण है. हाल ये कि देखरेख के अभाव में करीब एक हजार डस्टबिन गायब हो गए हैं.

सड़क पर बिखरा रहता कूड़ा

गोरखपुर की सबसे बड़ी समस्या कूड़ा है. लंबे समय से निस्तारण का सही इंतजाम नहीं हो सका है. शहर में जितना कूड़ा होता है उसमें से महज 60 परसेंट ही उठ पाता है. जो उठता भी है उसे भी शहर की सीमा के आसपास नदी किनारे या खली जगहों पर गिरा दिया जाता है. लोग भी कूड़े को कहीं भी फेंक देते हैं. इसे देखते हुए नगर निगम ने सिटी के भीड़भाड़ वाले एरियाज और प्रमुख चौराहों के अलावा सड़कों के किनारे करीब दो हजार से अधिक डस्टबिन लगाए थे. दुकानों और रेस्टोरेंट के पास भी डस्टबिन लगाए गए. लेकिन इस पूरी मुहिम के कुछ महीने बाद ही शहर से डस्टबिन गायब होने लगे हैं. आज हालत यह है कि डस्टबिन गिने-चुने स्थानों पर ही नजर आ रहे हैं. डस्टबिन होने से कुछ लोग इस्तेमाल करने लगे थे लेकिन फिर कूड़ा सड़कों पर बिखरा नजर आने लगा है.

नशाखोर चोरी कर ले गए डस्टबिन

शहर में जो भी डस्टबिन लगे उसमें से ज्यादातर चोरी हो गए हैं. नगर निगम ने मजबूत नील कमल ब्रांड का डस्टबिन लगया था. सूत्रों की मानें तो नशेबाजों का रुपयों का जुगाड़ करने के लिए ये सबसे मुफीद लगे. उन्होंने उखाड़-उखाड़कर डस्टबिन बेचना शुरू कर दिया. सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं होने की वजह से इनकी संख्या दिन ब दिन कम होती जा रही है. वहीं प्लास्टिक के कूड़ेदान रखरखाव के अभाव में टूट जा रहे हैं.

नहीं होती सख्ती

- शहर की साफ-सफाई को लेकर सख्त नियम है लेकिन इसका पालन नहीं के बराबर होता है.

- जब कोई वीआईपी या वीवीआईपी शहर में आने वाला होता है तभी नगर निगम का अमला सफाई के लिए जुटता है.

- नियमों के मुताबिक हर दुकान के बाहर डस्टबिन होना चाहिए. दुकान के आसपास गंदगी होने पर जुर्माना का प्रावधान है.

- घरों से कूड़ा निकालने का समय सुबह नौ बजे से पहले निर्धारित किया गया है.

- कई एरियाज में घरों से कूड़ा कलेक्शन नहीं हो रहा है.

- नियमों की अनदेखी पर मकान मालिक पर जुर्माना के साथ केस भी हो सकता है.

फैक्ट फिगर

शहर से डेली उठता है कूड़ा - 600 मीट्रिक टन

कूड़ा पड़ाव केंद्र - 10

अस्थाई कूड़ा पड़ाव केंद्र - 47

लगाए गए थे डस्टबिन - 2000

वर्जन

शहर की सफाई को लेकर नगर निगम गंभीर है. बड़ी संख्या में कूड़ेदान लगाए गए हैं. शहर को साफ रखने के लिए पब्लिक को सहयोग करना चाहिए.

अंजनी कुमार सिंह, नगर आयुक्त गोरखपुर