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-सिटी के कई स्कूलों ने दैनिक जागरण-आई नेक्स्ट की मुहिम पर लगाई मुहर

-बच्चों का स्कूल बैग का वेट कम करने की शुरू कर दी कवायद

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PRAYAGRAJ: पढ़ाई से ज्यादा किताबों के बोझ तले दबे मासूमों को अब राहत मिलने वाली है। दैनिक जागरण-आई नेक्स्ट के 'भारी बस्ता' कैंपेन को स्कूलों का साथ मिलने लगा है। अब स्कूल अपनी तरह से इनीशिएटिव लेकर पैरेंट्स को अवेयर कर रहे हैं। कई स्कूलों में हफ्ते में एक दिन नो बैग डे रखा जा रहा है। वहीं कुछ स्कूल पैरेंट्स को मैसेज भेजकर बता रहे हैं भारी बस्ता उनके बच्चे के लिए कितना नुकसानदेह है।

स्कूल ले रहे इनीशिएटिव

दैनिक जागरण-आई नेक्स्ट के भारी बस्ता कैंपेन के बाद विद्या भारती ने अपने सभी स्कूलों में 'नो बैग डे' की शुरुआत की। अब अब सीबीएसई बोर्ड से संचालित श्री महाप्रभु पब्लिक स्कूल ने भी इस दिशा में कदम उठाया है। स्कूल की ओर से बच्चों के भारी स्कूल बैग को लेकर पैरेंट्स को अवेयर किया जा रहा है। इसके तहत पैरेंट्स को नोटिस और बच्चों के वॉट्सअप ग्रुप में इससे जुड़े वीडियोज भेजे जा रहे हैं।

कराया गया सर्वे

इस बारे में स्कूल की प्रिंसिपल रविन्दर बिरदी ने बताया कि दैनिक जागरण-आई नेक्स्ट की पहल के बाद उन्होंने भी एक सर्वे कराया था। इसमें स्कूल के स्टूडेंट्स के बैग का वजन लिया गया। बैग भारी होने से जो प्रॉब्लम्स होती हैं, उनके बारे में जानकारी जुटाई गई। इसके बाद स्कूल की तरफ से यह मुहिम शुरू की गई। इसके पीछे मकसद यही है ताकि बच्चों के कंधे से स्कूल बैग के वजन को कम किया जा सके।

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बॉक्स

आर्थोपैडिक सर्जन का है वीडियो

-श्री महाप्रभु पब्लिक स्कूल ने स्टूडेंट्स को बचाने के लिए खास इनीशिएटिव लिया है।

-इसके तहत पैरेंट्स को वॉट्सअप पर वीडियोज शेयर किए जा रहे हैं।

-यह वीडियो एक आर्थोपैडिक सर्जन द्वारा तैयार किया गया है।

-वीडियो में बच्चों पर भारी बैग से होने वाले नुकसान के बारे में बताया गया है।

-साथ ही स्कूल बैग को कैरी करने के सही तरीके की जानकारी भी दी गई है।

कॉलिंग

स्कूल की यह पहल काफी अच्छी है। जब स्कूल से मैसेज आया तो समझ आया कि स्कूल बैग कैरी करने का सही तरीका क्या है। वीडियो देखने के बाद मैंने अपनी बेटी का बैग इस हिसाब से एडजस्ट किया।

-मीनाक्षी श्रीवास्तव

श्री महाप्रभु की ओर से लिया गया इनीशिएटिव काफी अच्छा है। दूसरे स्कूलों को भी इससे प्रेरणा लेनी चाहिए। इसके लिए दैनिक जागरण-आई नेक्स्ट को विशेष धन्यवाद।

-आलोक केसरवानी

यह सच है कि छोटी उम्र में ही बच्चों के कंधों पर भारी बस्ते की मुसीबत आ जाती है। स्कूल की तरफ से उठाया गया कदम सराहनीय है।

-स्वाती

वर्जन

वीडियो के जरिए मैसेज दिया जा रहा है। इसके जरिए पैरेंट्स को अवेयर किया जा रहा है। वीडियो में एक्सपर्ट ने स्कूल बैग को कैरी करने का सही तरीका बताया है।

-रविन्दर बिरदी

प्रिंसिपल, श्री महाप्रभु पब्लिक स्कूल

Posted By: Inextlive