वार्डन की शिकायत पर विवि प्रशासन ने चार सीनियर स्टूडेंट्स को दिया नोटिस

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PRAYAGRAJ: फाइनली इलाहाबाद यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन ने भी मान लिया है कि शताब्दी ब्वॉयज हॉस्टल छोड़कर फ्रेशर्स यूं ही नहीं गए हैं. उन्हें भी टॉर्चर किया गया है. परिस्थितियां रैगिंग की ओर इशारा कर रही हैं. विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से बुधवार को चार सीनियर स्टूडेंट्स को नोटिस जारी कर दिये जाने से यह खुलासा हुआ है.

दो दिन में अपना पक्ष रखें आरोपी

बता दें कि शताब्दी ब्वॉयज हॉस्टल में रहने वाले सभी फ्रेशर स्टूडेंट हॉस्टल छोड़कर जा चुके हैं. दैनिक जागरण आई नेक्स्ट रिपोर्टर ने मंगलवार को ही यहां इंवेस्टिगेट किया तो पता चला कि यहां रहने वाली सीनियर्स का विहैबियर जूनियर्स के साथ अच्छा नहीं था. सिम्पटम्प्स बता रहे थे कि इस हॉस्टल में रहने वाले लॉ के स्टूडेंट्स के साथ रैंिगग हुई है. मंगलवार को रिपोर्टर ने यह सवाल विश्वविद्यालय प्रशासन से पूछा तो जवाब गोलमोल मिला था. यूनिवर्सिटी के कुलानुशासक प्रो. रामसेवक दुबे ने रैगिंग के मामले में चार आरोपी सीनियर छात्रों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है. इसमें फाइव इयर लॉ के सेकेंडर इयर के स्टूडेंट्स प्रणव प्रकाश पुष्कर, विशाल मजूमदार, उत्कर्ष चौरसिया और सौरव रंजन का नाम शामिल है. आरोपी चारों छात्रों को 16 अगस्त की शाम चार से पांच बजे के बीच प्रॉक्टर आफिस में कारण बताते हुए अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है.

नहीं तो दर्ज करा दी जाएगी रिपोर्ट

चीफ प्रॉक्टर की तरफ से सीनियर्स को जारी की गयी नोटिस में साफ कहा गया है कि आरोपितों का कृत्य रैगिंग की श्रेणी में आता है. उन्होंने तय समय के भीतर अपना संतोषजनक जवाब नहीं दिया तो उनके खिलाफ कर्नलगंज थाने में रैंिगग की रिपोर्ट दर्ज करा दी जाएगी. इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगा. बुधवार को चीफ प्रॉक्टर का यह लेकर दैनिक जागरण आई नेक्स्ट के हाथ भी लग गया. इसमें कहा गया है कि 16 तक जवाब दाखिल न करने पर सभी के हॉस्टल के साथ ही साथ यूनिवर्सिटी से भी निष्कासित करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी.

रैगिंग के आरोप में शिकायत मिलने पर चार छात्रों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी कर दी गई है. इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

प्रो. आरएस दुबे

चीफ प्रॉक्टर, इलाहाबाद यूनविर्सिटी